भारत में थोक महंगाई दर में वृद्धि, ईंधन और खाद्य कीमतों का असर
थोक महंगाई दर में वृद्धि
मुंबई : भारत में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित महंगाई दर जून में सालाना आधार पर 9.87 प्रतिशत दर्ज की गई, जो मई में 9.68 प्रतिशत थी। यह जानकारी वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी की गई।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, डब्ल्यूपीआई के तीन प्रमुख घटक - प्राथमिक वस्तुएं, ईंधन एवं ऊर्जा, और विनिर्मित वस्तुएं - में जून में क्रमशः 7 प्रतिशत, 27.41 प्रतिशत और 7.48 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि मई में ये आंकड़े क्रमशः 4.99 प्रतिशत, 30.33 प्रतिशत और 7.48 प्रतिशत थे।
जून में थोक महंगाई दर के उच्च स्तर का मुख्य कारण खनिजों की कीमतों में वृद्धि (पेट्रोलियम उत्पादों सहित), खाद्य वस्तुओं, रसायनों और बेसिक मेटल के निर्माण की लागत में बढ़ोतरी थी।
सरकार के आंकड़ों के अनुसार, जून में खाद्य उत्पादों में थोक महंगाई दर 6.14 प्रतिशत रही, जो मई में 4.49 प्रतिशत थी। कुल डब्ल्यूपीआई में खाद्य वस्तुओं का योगदान 24.99 प्रतिशत है।
इससे पहले, खुदरा महंगाई के आंकड़े जारी किए गए थे, जिसमें जून में खुदरा महंगाई दर सालाना आधार पर बढ़कर 4.38 प्रतिशत (अनंतिम) हो गई, जो मई में 3.93 प्रतिशत (अंतिम) थी।
मंत्रालय द्वारा जारी डेटा के अनुसार, जून में ग्रामीण क्षेत्र में खुदरा महंगाई दर 4.25 प्रतिशत से बढ़कर 4.74 प्रतिशत हो गई, जबकि शहरी क्षेत्र में यह 3.92 प्रतिशत हो गई, जो मई में 3.53 प्रतिशत थी।
जून में खुदरा खाद्य महंगाई दर 5.32 प्रतिशत रही, जो मई में 4.78 प्रतिशत थी।
सरकार के आंकड़ों के अनुसार, जून में जिन पांच वस्तुओं में सबसे अधिक महंगाई दर रही, उनमें चांदी की ज्वेलरी (133.21 प्रतिशत), अदरक (50.41 प्रतिशत), सोना/हीरे/प्लेटिनम ज्वेलरी (36.82 प्रतिशत), टमाटर (31.92 प्रतिशत) और किशमिश एवं मुनक्का (20.52 प्रतिशत) शामिल हैं।
