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भारत में पायरेसी के खिलाफ सरकार की सख्त कार्रवाई: टेलीग्राम को नोटिस

केंद्र सरकार ने पायरेसी के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए टेलीग्राम को नोटिस जारी किया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने पायरेटेड फिल्मों और ओटीटी कंटेंट के प्रसार पर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। मंत्रालय ने टेलीग्राम से 15 दिनों के भीतर कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी है। सरकार का मानना है कि पायरेसी से फिल्म उद्योग और डिजिटल प्लेटफॉर्म को भारी नुकसान होता है। जानें इस मामले में टेलीग्राम की जिम्मेदारियां और पिछले विवादों के बारे में।
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सरकार का कड़ा रुख

नई दिल्ली: भारत में फिल्मों और ओटीटी सामग्री की बढ़ती पायरेसी के खिलाफ केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने टेलीग्राम को एक नोटिस जारी किया है, जिसमें पायरेटेड फिल्मों और ओटीटी कंटेंट के प्रसार पर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।


तत्काल कार्रवाई की मांग

सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय ने टेलीग्राम से कहा है कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर मौजूद पायरेटेड सामग्री को हटाने के लिए तुरंत कदम उठाए और 15 दिनों के भीतर इस संबंध में की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट सरकार को प्रस्तुत करे।


पायरेसी का प्रभाव

सरकार का मानना है कि इस प्रकार की पायरेसी भारत की तेजी से विकसित हो रही क्रिएटर इकोनॉमी, फिल्म उद्योग, ब्रॉडकास्टर्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म, फिल्म निर्माताओं और वितरकों को गंभीर नुकसान पहुंचाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए, कॉपीराइट सामग्री की सुरक्षा और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अवैध कंटेंट के प्रसार को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।


टेलीग्राम की जिम्मेदारी

सूत्रों का कहना है कि सरकार चाहती है कि टेलीग्राम अपने प्लेटफॉर्म पर कॉपीराइट नियमों का सख्ती से पालन करे और अवैध रूप से साझा की जा रही फिल्मों, वेब सीरीज और अन्य डिजिटल सामग्री पर प्रभावी रोक लगाए।


पिछले विवाद

टेलीग्राम पहले भी कई मामलों में सरकारी और नियामकीय एजेंसियों के निशाने पर रहा है। हाल के महीनों में, यह प्लेटफॉर्म धोखाधड़ी, संवेदनशील जानकारी के फर्जी नामों के जरिए प्रसार और भ्रामक सामग्री फैलाने के कारण जांच के दायरे में आया था।


प्रतिबंध का इतिहास

इसी संदर्भ में, सरकार ने 22 जून तक एक सप्ताह के लिए टेलीग्राम और उससे संबंधित वेब सेवाओं पर प्रतिबंध भी लगाया था। यह निर्णय नीट मेडिकल प्रवेश परीक्षा के कथित प्रश्नपत्र लीक होने और परीक्षा से जुड़ी भ्रामक सामग्री के प्रसार को रोकने में प्लेटफॉर्म की विफलता को देखते हुए लिया गया था।


सेवाओं की बहाली

हालांकि, बाद में प्रतिबंध हटने के बाद टेलीग्राम की सेवाएं भारत में फिर से बहाल कर दी गई थीं।