भारत में पासपोर्ट शुल्क में वृद्धि: नई दरें 2026 से लागू
केंद्र सरकार का नया पासपोर्ट शुल्क निर्णय
केंद्र सरकार ने पासपोर्ट शुल्क में बदलाव की घोषणा की है, जो देशभर में लाखों आवेदकों को प्रभावित करेगा। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी किए गए पासपोर्ट संशोधन नियम, 2026 के अनुसार, नई शुल्क दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होंगी। यह संशोधन 2012 के बाद पहली बार किया जा रहा है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई दरें उन सभी आवेदनों पर लागू होंगी, जो 1 जुलाई या उसके बाद जमा किए जाएंगे, भले ही आवेदक ने पहले से पासपोर्ट सेवा केंद्र में अपॉइंटमेंट बुक कर रखा हो।
सामान्य और तत्काल पासपोर्ट की नई दरें
नए नियमों के तहत, 36 पृष्ठों वाले सामान्य पासपोर्ट के लिए शुल्क अब 2,500 रुपये होगा, जबकि पहले यह 1,500 रुपये था। तत्काल श्रेणी में, यह शुल्क 3,500 रुपये से बढ़कर 5,000 रुपये हो गया है। इसी तरह, 60 पृष्ठों वाले पासपोर्ट की सामान्य श्रेणी की फीस 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये कर दी गई है, और तत्काल सेवा के लिए अब 6,000 रुपये का भुगतान करना होगा, जो पहले 4,000 रुपये था।
खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट के लिए बढ़ी फीस
सरकार ने खोए, चोरी हुए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट के पुनः जारी करने की फीस में भी वृद्धि की है। 36 पृष्ठों वाले पासपोर्ट के लिए सामान्य श्रेणी में अब 5,000 रुपये और तत्काल सेवा के तहत 7,500 रुपये देने होंगे। 60 पृष्ठों वाले पासपोर्ट के लिए सामान्य श्रेणी में 6,000 रुपये और तत्काल श्रेणी में 8,500 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। इससे आवेदकों पर अधिक आर्थिक बोझ पड़ेगा।
नाबालिगों के लिए पासपोर्ट शुल्क
18 वर्ष से कम आयु के आवेदकों के लिए 36 पृष्ठों वाले नए या पुनः जारी पासपोर्ट की फीस सामान्य श्रेणी में 1,750 रुपये और तत्काल सेवा में 4,250 रुपये होगी। यदि किसी नाबालिग का पासपोर्ट खो जाता है या क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो सामान्य श्रेणी में 4,250 रुपये और तत्काल सेवा के लिए 6,750 रुपये शुल्क देना होगा। इसके अलावा, पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC), सरेंडर सर्टिफिकेट, ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम वेरिफिकेशन और अन्य पासपोर्ट संबंधी प्रमाण-पत्रों का शुल्क भारत में 750 रुपये और विदेशों में 40 अमेरिकी डॉलर निर्धारित किया गया है।
