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भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में संभावित वृद्धि: चुनावों से पहले की स्थिति

भारत में नवंबर के दौरान पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स के अनुसार, आगामी विधानसभा चुनावों से पहले यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा हो सकता है। महंगाई दर में वृद्धि का अनुमान भी है, जो RBI के लक्ष्यों से अधिक हो सकती है। जानें इस संदर्भ में और क्या संभावनाएं हैं, और ब्याज दरों पर इसका क्या असर पड़ सकता है।
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पेट्रोल-डीजल की कीमतों में संभावित वृद्धि


भारत में नवंबर के महीने में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। यह अनुमान ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स द्वारा लगाया गया है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, संस्था की प्रमुख अर्थशास्त्री एलेक्जेंड्रा हरमन प्रसाद का मानना है कि नवंबर में ईंधन की कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर, यह एक सीमित समय हो सकता है जब कीमतें बढ़ाई जा सकती हैं।


चुनावों से पहले कीमतों में वृद्धि की संभावना

भारत में अगले वर्ष सात राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश और पंजाब जैसे प्रमुख राज्य शामिल हैं। इन राज्यों में मतदान मार्च से मई के बीच होने की संभावना है। इस संदर्भ में, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि का मुद्दा राजनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण हो सकता है।


महंगाई दर में वृद्धि का अनुमान

ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स का मानना है कि प्रस्तावित वृद्धि मई में हुई ईंधन की कीमतों की वृद्धि के मुकाबले आधी हो सकती है। मई में मध्य पूर्व में तनाव के कारण ईंधन की खुदरा कीमतों में वृद्धि हुई थी।


संस्थान के अनुसार, यदि नवंबर में ईंधन महंगा होता है, तो अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही में खुदरा महंगाई दर 6.2% और जनवरी-मार्च 2027 तिमाही में 6.5% तक पहुंच सकती है। ये आंकड़े भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 2% से 6% के महंगाई लक्ष्य से अधिक होंगे।


RBI का महंगाई पर दृष्टिकोण

हाल ही में RBI ने अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए महंगाई दर 6% और जनवरी-मार्च तिमाही के लिए 5.7% रहने का अनुमान व्यक्त किया था। वहीं, ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स को मार्च 2027 में समाप्त होने वाले वित्त वर्ष में महंगाई दर 5.4% रहने की उम्मीद है, जबकि RBI का अनुमान 5.2% है।


ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना

रिपोर्ट के अनुसार, यदि नवंबर में ईंधन की कीमतें स्थिर रहती हैं, तो ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स के महंगाई अनुमान आगामी तिमाहियों में 10 से 30 आधार अंक तक घट सकते हैं। हालांकि, महंगाई के दबाव के चलते RBI दिसंबर और फरवरी की मौद्रिक नीति बैठकों में ब्याज दरों में 25 से 50 आधार अंक तक वृद्धि पर विचार कर सकता है। रिपोर्ट में अक्टूबर में भी 25 आधार अंक की वृद्धि का उल्लेख किया गया है।


रुपये पर दबाव बना रह सकता है

एलेक्जेंड्रा हरमन प्रसाद के अनुसार, मुद्रा बाजार में RBI के हालिया कदम रुपये की उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और विदेशी पूंजी की निरंतर आवश्यकता के कारण केवल बाजार में हस्तक्षेप से रुपये को लंबे समय तक स्थिर रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।