भारत में रोबोटिक्स का भविष्य: सर्जरी में नई तकनीकें
सर्जरी में रोबोटिक्स की भूमिका
नई दिल्ली के महिपालपुर में स्थित होटल रेडिसन ब्लू प्लाजा में आयोजित 'Big Healing Hands 2.0 Conclave & Awards' में, जब डॉक्टरों से पूछा गया कि सर्जरी में रोबोट्स किस प्रकार सहायक हो रहे हैं और भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में रोबोटिक्स का भविष्य क्या है, तो डॉ. (प्रो) पी. शरत चंद्र (हेड, न्यूरोसर्जरी, AIIMS) ने इस विषय पर विस्तृत जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि न्यूरोसर्जरी और अन्य चिकित्सा क्षेत्रों में रोबोटिक्स का उपयोग कैसे किया जा रहा है। सबसे पहले, 'मास्टरस्लेव' रोबोट का उल्लेख किया गया, जो डॉक्टरों को दूरस्थ स्थानों से मरीजों की सर्जरी करने की अनुमति देता है। यह रोबोट चिकित्सक के निर्देशों के अनुसार कार्य करता है।
इसके बाद, 'स्टीरियोटैक्टिक रोबोट' का उल्लेख किया गया। ये अत्याधुनिक चिकित्सा रोबोट हैं जो मस्तिष्क, रीढ़ या शरीर के किसी छोटे हिस्से तक बिना बड़े चीरे के पहुंचने में मदद करते हैं। ये CT Scan, MRI और 3D इमेजिंग का उपयोग करके लक्ष्य का सटीक स्थान निर्धारित करते हैं और सर्जन को मार्गदर्शन करते हैं। ये रोबोट ऑपरेशन नहीं करते, बल्कि डॉक्टर के निर्देशों के अनुसार उपकरणों की स्थिति को सटीकता से निर्धारित करते हैं। पिछले एक दशक से, इस प्रकार के रोबोट्स का उपयोग किया जा रहा है ताकि मरीज को न्यूनतम हानि पहुंचाई जा सके।
