भारत सरकार ने मेटा से पीएम मोदी की पोस्ट पर प्रतिबंध को लेकर की सख्त कार्रवाई
सरकार की गंभीरता और मेटा की प्रतिक्रिया
नई दिल्ली। भारत सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फेसबुक पोस्ट पर प्रतिबंध लगाने के मामले को गंभीरता से लिया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा की वैश्विक टीम को तलब किया है। सूत्रों के अनुसार, यह टीम अगले सप्ताह के मध्य तक भारत पहुंच सकती है।
सरकार की सख्त प्रतिक्रिया
इस सप्ताह की शुरुआत में, पीएम मोदी ने पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन देने वाला एक वीडियो फेसबुक पर साझा किया था, जिसे मेटा ने कुछ समय के लिए प्रतिबंधित कर दिया। जब यह मामला बढ़ा, तो मेटा ने इसे तकनीकी गड़बड़ी बताते हुए खेद व्यक्त किया। हालांकि, आईटी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने इस स्पष्टीकरण को असंतोषजनक बताया है। सरकार का कहना है कि वे इस संवेदनशील मुद्दे को नीतिगत और तकनीकी दृष्टिकोण से समझना चाहते हैं।
मेटा की जवाबदेही
मेटा की वैश्विक टीम को भारत आने पर सरकारी अधिकारियों और एक संसदीय समिति के समक्ष पेश होना होगा। सरकार उनसे विभिन्न मुद्दों पर स्पष्ट जवाब मांगेगी, जिसमें एल्गोरिदम का पक्षपात, कंटेंट मॉडरेशन नीति और सार्वजनिक व्यवस्था शामिल हैं।
नए सुरक्षा प्रोटोकॉल की शुरुआत
इस विवाद के बाद, मेटा ने भारत सरकार को सूचित किया है कि उन्होंने 28 जुलाई से वीआईपी और प्रमुख हस्तियों के अकाउंट्स के लिए नए सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। फिर भी, केंद्र सरकार इस मामले में कंपनी के वैश्विक नेतृत्व से सीधे और ठोस जवाब मांगना चाहती है।
