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भारतीय रियल एस्टेट में निजी इक्विटी निवेश में वृद्धि: 2026 की पहली छमाही में 3.2 अरब डॉलर का प्रवाह

2026 की पहली छमाही में भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में 3.2 अरब डॉलर का निजी इक्विटी निवेश हुआ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 33 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इस रिपोर्ट में निवेश के विभिन्न क्षेत्रों, जैसे डेटा सेंटर्स और ऑफिस सेगमेंट की प्राथमिकताओं का विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू और विदेशी निवेशकों का योगदान भी महत्वपूर्ण रहा है। जानें इस क्षेत्र में निवेश के भविष्य की संभावनाएँ और निवेशकों का बढ़ता भरोसा।
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निवेश का प्रवाह और वृद्धि

नई दिल्ली: भारतीय रियल एस्टेट क्षेत्र में 2026 की पहली छमाही में 3.2 अरब डॉलर का निजी इक्विटी निवेश हुआ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 33 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। यह जानकारी सोमवार को एक रिपोर्ट में साझा की गई।


ग्लोबल रियल एस्टेट कंसल्टिंग फर्म 'सैविल्स इंडिया' के अनुसार, 2026 की दूसरी तिमाही में निवेश का प्रवाह 2 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक है।


निवेश के विभिन्न क्षेत्र

प्राइवेट इक्विटी में किए गए निवेश में प्राइवेट रूट से किए गए इक्विटी डील, एआईएफ और एनसीडी जारी करने के माध्यम से स्ट्रक्चर्ड डेट डील शामिल हैं। हालांकि, इसमें क्यूआईपी, पब्लिक मार्केट डील और प्लेटफॉर्म बनाने के जरिए साधारण डेट डील शामिल नहीं हैं।


दूसरी तिमाही में कुल निवेश में डेटा सेंटर्स का हिस्सा 38 प्रतिशत रहा, जो ऑफिस-आधारित निवेश के ट्रेंड में बदलाव को दर्शाता है। ऑफिस सेगमेंट का हिस्सा 30 प्रतिशत रहा, जबकि रेजिडेंशियल सेगमेंट ने 16 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया।


निवेशकों की प्राथमिकताएँ

कुल मिलाकर, 2026 की पहली छमाही में ऑफिस सेगमेंट ने 34 प्रतिशत इक्विटी निवेश का हिस्सा लिया। निवेशकों ने हॉस्पिटैलिटी (8 प्रतिशत) और स्टूडेंट हाउसिंग या को-लिविंग (3 प्रतिशत) जैसे क्षेत्रों में भी निवेश किया।


रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में पीई निवेश में घरेलू पूंजी का हिस्सा 51 प्रतिशत था, जिसमें विभिन्न एसेट क्लास में निवेश किया गया। घरेलू निवेश का 68 प्रतिशत ऑफिस सेगमेंट में गया, जो मुख्य रूप से भारत के टियर-1 शहरों में केंद्रित था।


विदेशी निवेश का योगदान

बाकी 49 प्रतिशत निवेश विदेशी निवेशकों का था, जिसमें से 69 प्रतिशत पूंजी अमेरिका और कनाडा से आई, जो मुख्य रूप से डेटा सेंटर्स और हॉस्पिटैलिटी सेगमेंट में लगाई गई।


सैविल्स इंडिया के कैपिटल मार्केट सर्विसेज के मैनेजिंग डायरेक्टर सुमीत भाटिया ने कहा, “2026 की पहली छमाही में पीई निवेश से भारत के रियल एस्टेट मार्केट में निवेशकों का बढ़ता भरोसा दिखता है। हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर और स्टूडेंट हाउसिंग/को-लिविंग में लगातार निवेश से पता चलता है कि निवेशक अब परिपक्व हो रहे हैं।”


भविष्य की संभावनाएँ

कंपनी का अनुमान है कि आने वाली तिमाहियों में भी यह तेजी बनी रहेगी, क्योंकि निवेशक भारत के लंबे समय के और अवसरों से भरपूर रियल एस्टेट मार्केट में अपना भरोसा बढ़ा रहे हैं।