भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 77,000 के नीचे
शेयर बाजार में गिरावट का कारण
मुंबई : वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के चलते भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन गिरावट के साथ शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में निवेशकों ने सतर्कता दिखाई, जिससे प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बना रहा।
सुबह के समय, सेंसेक्स लगभग 649 अंकों की गिरावट के साथ 76,920 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 50 लगभग 184 अंक गिरकर 24,022 के स्तर पर पहुंच गया।
व्यापक बाजार में भी कमजोरी का माहौल था। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 280 अंक या 0.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 62,756 पर था, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 66 अंक या 0.37 प्रतिशत की कमी के साथ 19,349 पर कारोबार कर रहा था।
सेक्टोरल इंडेक्स में मेटल, फाइनेंशियल सर्विसेज, कंजम्प्शन, ऑटो, प्राइवेट बैंक, पीएसयू बैंक, ऑयल एंड गैस, एफएमसीजी और इंफ्रा शेयरों में सबसे अधिक दबाव देखा गया। हालांकि, आईटी और फार्मा सेक्टर में कुछ मजबूती देखने को मिली।
सेंसेक्स की कंपनियों में टीसीएस, एचसीएल टेक, पावर ग्रिड और एनटीपीसी में बढ़त देखी गई। दूसरी ओर, टाटा स्टील, मारुति सुजुकी, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, एचडीएफसी बैंक, एलएंडटी, टाइटन, महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारती एयरटेल, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, इन्फोसिस और आईटीसी जैसे प्रमुख शेयरों में गिरावट आई।
एशियाई बाजारों में भी मिश्रित से नकारात्मक रुख देखने को मिला। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल के बाजार दबाव में रहे, जबकि जकार्ता में हल्की बढ़त दर्ज की गई। इससे पहले, अमेरिकी बाजार पिछले कारोबारी सत्र में मजबूती के साथ बंद हुए थे।
विश्लेषकों का मानना है कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताओं ने वैश्विक निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित किया है। इसका असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ा है, जहां ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई क्रूड दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यदि यह बढ़त लंबे समय तक बनी रहती है, तो भारत जैसे आयातक देशों के लिए महंगाई और चालू खाते के घाटे की चिंता बढ़ सकती है, जिसका असर शेयर बाजार की धारणा पर भी पड़ेगा।
