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भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स में 374 अंकों की कमी

बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिससे बीएसई का सेंसेक्स 374 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ। विदेशी बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में कमी आई। जानें इस गिरावट के पीछे के कारण और विभिन्न सेक्टरों पर इसका प्रभाव।
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शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव


बुधवार को घरेलू शेयर बाजारों में बिकवाली का माहौल रहा, जो विदेशी बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों के कारण हुआ। बीएसई का सेंसेक्स 374 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ।


सेंसेक्स ने 76,471.32 अंक पर खुलने के बाद 473 अंकों की गिरावट देखी और 76,136 अंक तक गिर गया। अंत में, यह 373.83 अंक (0.49 प्रतिशत) की कमी के साथ 76,570.35 अंक पर बंद हुआ।


नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी 141.35 अंक यानी 0.59 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,914.45 अंक पर बंद हुआ। यह दोनों प्रमुख सूचकांकों का 24 जुलाई के बाद का सबसे निचला स्तर है।


दुनिया भर के प्रमुख शेयर बाजारों में बिकवाली का दौर जारी है। एशिया में, जापान का निक्केई लगभग तीन प्रतिशत नीचे बंद हुआ, जबकि यूरोपीय बाजार भी लाल निशान में हैं। अमेरिकी शेयर बाजारों में भी मंगलवार को गिरावट देखी गई थी।


घरेलू स्तर पर, तेल एवं गैस, रियल्टी और सार्वजनिक बैंकों को छोड़कर अन्य सभी समूहों में बिकवाली का दबाव रहा। ऑटो और मीडिया समूहों के सूचकांक में पौने दो प्रतिशत की गिरावट आई। आईटी क्षेत्र में 1.25 प्रतिशत की कमी आई।


बैंकिंग, वित्त, एफएमसीजी, धातु, स्वास्थ्य और टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद समूहों के सूचकांक भी नीचे आए।


वृहद बाजार में निवेशकों का विश्वास कमजोर रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 0.70 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 0.37 प्रतिशत गिर गया।


सेंसेक्स की कंपनियों में एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर डेढ़ प्रतिशत से अधिक टूट गए। एचसीएल टेक्नोलॉजीज, बीईएल, इंफोसिस, भारतीय स्टेट बैंक और इंडिगो के शेयर एक से डेढ़ प्रतिशत तक गिरे।


हालांकि, अडानी पोर्ट्स में डेढ़ प्रतिशत से अधिक की तेजी रही। बजाज फिनसर्व और पावरग्रिड के शेयर एक प्रतिशत की बढ़त में रहे। एनटीपीसी, टाइटन, रिलायंस इंडस्ट्रीज, ट्रेंट और बजाज फाइनेंस के शेयर भी हरे निशान में रहे।