भारतीय शेयर बाजार में तेजी: अमेरिका-ईरान समझौते का सकारात्मक प्रभाव
शांति समझौते से निवेशकों का भरोसा बढ़ा
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते के परिणामस्वरूप वैश्विक तनाव में कमी आई है, जिससे निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है। इसका सकारात्मक प्रभाव भारतीय शेयर बाजार पर भी स्पष्ट रूप से देखा गया। सोमवार को सप्ताह के पहले कारोबारी दिन घरेलू शेयर बाजार ने शानदार तेजी के साथ शुरुआत की, और प्रमुख सूचकांकों ने अच्छी बढ़त दर्ज की।
शेयर बाजार की शुरुआत
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,126.36 अंक यानी 1.49 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,654.31 के स्तर पर खुला। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 भी 339.25 अंक यानी 1.44 प्रतिशत चढ़कर 23,962.15 के स्तर पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार के दौरान निफ्टी ने 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को भी छुआ, जिससे बाजार में उत्साह का माहौल बना।
खरीदारी का माहौल
कारोबार की शुरुआत से ही निवेशकों ने सक्रियता दिखाई और जमकर खरीदारी की। अधिकांश शेयर हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, लगभग 557 शेयरों में तेजी आई, जबकि केवल 65 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। यह संकेत करता है कि निवेशकों का रुझान सकारात्मक बना हुआ है।
वित्तीय और एविएशन शेयरों में तेजी
निफ्टी के प्रमुख गेनर्स में श्रीराम फाइनेंस, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) और TMPV शामिल रहे। इन शेयरों में मजबूत खरीदारी देखी गई। हालांकि, ओएनजीसी, सिप्ला और अपोलो हॉस्पिटल्स के शेयरों पर कुछ दबाव नजर आया, जिससे इनमें हल्की गिरावट आई।
बैंकिंग शेयरों का योगदान
बाजार की तेजी में बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र की कंपनियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में 1 से 3 प्रतिशत तक की मजबूती देखी गई। इसके अलावा, रिलायंस इंडस्ट्रीज और टीसीएस जैसे दिग्गज शेयर भी बढ़त के साथ कारोबार करते रहे।
रुपये में मजबूती
वैश्विक अनिश्चितता में कमी का असर विदेशी मुद्रा बाजार पर भी पड़ा। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया मजबूत हुआ और शुरुआती कारोबार में 52 पैसे की बढ़त के साथ 94.57 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात स्थिर रहते हैं, तो भारतीय बाजारों में निवेशकों का विश्वास और मजबूत हो सकता है।
भविष्य की संभावनाएं
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका-ईरान समझौते से वैश्विक अर्थव्यवस्था को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी है, जिसका लाभ उभरते बाजारों, विशेषकर भारत को भी मिल सकता है। वर्तमान में निवेशकों की नजर आगे आने वाले वैश्विक आर्थिक संकेतकों और कॉर्पोरेट नतीजों पर बनी हुई है।
