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भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों को हुआ बड़ा नुकसान

22 अक्टूबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट आई, जिससे निवेशकों को 4 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इस गिरावट का मुख्य कारण सऊदी अरामको पर हुए ड्रोन हमले के चलते पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव को बताया जा रहा है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट दर्ज की गई, और छोटे निवेशकों को सबसे अधिक नुकसान हुआ। जानें इस स्थिति का विस्तृत विश्लेषण और क्षेत्रवार प्रदर्शन के बारे में।
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मुंबई में शेयर बाजार की स्थिति

मुंबई: भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को भारी गिरावट का सामना किया। सेंसेक्स की साप्ताहिक एक्सपायरी के दिन, बाजार खुलते ही बिकवाली का दौर शुरू हुआ, जिससे समूचा मार्केट गहरे लाल निशान में चला गया। यह लगातार तीसरा दिन था जब घरेलू बाजारों में गिरावट देखी गई। पश्चिमी एशिया से आई भू-राजनीतिक तनाव की खबरों ने निवेशकों के विश्वास को बुरी तरह प्रभावित किया, जिसके परिणामस्वरूप लार्जकैप से लेकर स्मॉलकैप शेयरों में भारी पूंजी निकासी हुई। एक ही दिन में निवेशकों के 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।


सऊदी अरामको पर ड्रोन हमले का प्रभाव

सऊदी अरामको पर ड्रोन हमले से गहराया पश्चिम एशिया तनाव, सेंसेक्स 700 अंक फिसला
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, सऊदी अरब की प्रमुख तेल कंपनी अरामको पर हुए ड्रोन हमले ने इस तेज बिकवाली को जन्म दिया। इस घटना ने खाड़ी और पश्चिमी एशिया में युद्ध का तनाव बढ़ा दिया, जिसका सीधा नकारात्मक प्रभाव भारतीय बाजारों पर पड़ा। इंट्रा-डे कारोबार के दौरान, सेंसेक्स 704.58 अंक गिरकर 73,005.11 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी 256.50 अंक टूटकर 22,554.85 तक आ गया। हालांकि, अंतिम घंटों में थोड़ी रिकवरी देखने को मिली, लेकिन यह गिरावट को रोकने के लिए अपर्याप्त साबित हुई। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 460.30 अंक (0.62%) की गिरावट के साथ 73,249.39 पर और निफ्टी 123.70 अंक (0.54%) गिरकर 22,687.65 पर बंद हुआ।


निवेशकों की संपत्ति में भारी कमी

एक ही दिन में ₹4.02 लाख करोड़ की संपत्ति साफ, स्मॉलकैप-मिडकैप सबसे ज्यादा टूटे
इस बाजार में मची अफरा-तफरी का सबसे बड़ा असर छोटे और मंझोले निवेशकों पर पड़ा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स लगभग 1% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1% से अधिक की गिरावट के साथ बंद हुआ। बीएसई के आंकड़ों के अनुसार, 21 अक्टूबर को बीएसई पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप 4,62,37,678.67 करोड़ रुपये था, जो 22 अक्टूबर को घटकर 4,58,35,517.82 करोड़ रुपये रह गया। इस प्रकार, एक कारोबारी दिन में निवेशकों की संपत्ति में 4,02,160.85 करोड़ रुपये की भारी कमी आई।


क्षेत्रवार प्रदर्शन

आईटी, एफएमसीजी और ऑटो में बिकवाली का दबाव; फार्मा व पीएसयू बैंकों ने संभाला मोर्चा
क्षेत्रवार प्रदर्शन पर नजर डालें तो एफएमसीजी, आईटी और ऑटोमोबाइल सेक्टर के शेयरों ने बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव डाला। निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स में लगभग 1.5% की गिरावट आई, जबकि निफ्टी आईटी 1% से अधिक और निफ्टी ऑटो आधे फीसदी से ज्यादा लुढ़क गया। बिकवाली के इस माहौल में केवल सरकारी बैंक (PSU Banks) और हेल्थकेयर-फार्मा सेक्टर के शेयरों में खरीदारी का रुझान देखने को मिला, जिससे इनके संबंधित सूचकांक मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में बंद होने में सफल रहे।