मध्य पूर्व युद्ध: जनहानि के वास्तविक आंकड़े पर उठते सवाल
मध्य पूर्व युद्ध की स्थिति
मध्य पूर्व युद्ध: ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच लंबे समय तक चले सैन्य संघर्ष के बाद भले ही युद्धविराम लागू हो गया हो, लेकिन इस संघर्ष में हुई जनहानि की सटीक जानकारी अब भी अस्पष्ट है। बीबीसी वेरीफाई की एक विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक फरवरी से अब तक पूरे मध्य पूर्व में 7,300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, स्वतंत्र विशेषज्ञों और मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है, क्योंकि कई क्षेत्रों में सही जानकारी जुटाना बेहद कठिन रहा है।
सरकारी और स्वतंत्र आंकड़ों में बड़ा अंतर
रिपोर्ट में बताया गया है कि ईरानी सरकार ने अप्रैल के मध्य तक 3,468 मौतों की पुष्टि की है, जिसमें नागरिक और सैन्यकर्मी दोनों शामिल हैं। वहीं, अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन HRANA का दावा है कि मृतकों की संख्या 3,636 से अधिक है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। संगठन का कहना है कि इंटरनेट बंद रहने, सरकारी प्रतिबंध और प्रभावित क्षेत्रों तक सीमित पहुंच के कारण सभी मामलों का दस्तावेजीकरण नहीं हो सका।
लेबनान में भी भारी तबाही
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से 3,900 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें महिलाएं, बच्चे और आम नागरिक शामिल हैं। दूसरी ओर, इजरायल का कहना है कि उसके अभियान का निशाना हिज़्बुल्लाह के लड़ाके थे, जबकि लेबनानी अधिकारियों का आरोप है कि हमलों में बड़ी संख्या में नागरिक मारे गए।
इजरायल और खाड़ी देशों पर भी पड़ा असर
इजरायली अधिकारियों के अनुसार, ईरानी मिसाइल हमलों और सीमा पर हुई झड़पों में 60 लोगों की मौत हुई है। वहीं, ईरान की जवाबी कार्रवाई का असर कतर, यूएई, इराक और अन्य खाड़ी देशों तक भी पहुंचा है। कई सैन्य ठिकानों और नागरिक क्षेत्रों पर हुए हमलों में विभिन्न देशों के नागरिकों और सैनिकों की भी जान गई।
विशेषज्ञों की राय
बीबीसी वेरीफाई ने अपनी रिपोर्ट में विशेषज्ञों के हवाले से कहा है कि युद्ध के दौरान इंटरनेट बंद होना, मीडिया पर पाबंदियां, प्रभावित क्षेत्रों तक सीमित पहुंच और विभिन्न पक्षों के दावों के कारण मौतों का सटीक आंकड़ा तय करना बेहद कठिन है। विशेषज्ञों का मानना है कि संघर्ष समाप्त होने के कई साल बाद भी वास्तविक संख्या को लेकर विवाद बना रह सकता है।
