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महाराजा रणजीत सिंह की बरसी पर सिख श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान के गुरुद्वारों के लिए रवाना

महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर, सिख श्रद्धालुओं का एक विशेष जत्था अमृतसर से पाकिस्तान के ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए रवाना हुआ है। इस यात्रा का आयोजन शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा किया गया है, जिसमें 290 श्रद्धालुओं को वीजा प्राप्त हुआ है। यात्रा के दौरान श्रद्धालु कई पवित्र स्थलों पर माथा टेकेंगे और धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे। यह यात्रा सिख समुदाय के लिए धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, जो दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को भी मजबूत करती है।
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महाराजा रणजीत सिंह की बरसी पर सिख श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान के गुरुद्वारों के लिए रवाना

विशेष जत्था अमृतसर से हुआ रवाना


महाराजा रणजीत सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर, सिख श्रद्धालुओं का एक विशेष जत्था अमृतसर से पाकिस्तान के ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए प्रस्थान कर गया है। इस जत्थे को श्री हरिमंदिर साहिब परिसर में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के कार्यालय से विदाई दी गई। यह धार्मिक यात्रा सिख समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें भाग लेने की इच्छा रखते हैं। एसजीपीसी के अनुसार, यह जत्था पाकिस्तान में विभिन्न ऐतिहासिक गुरुद्वारों का दौरा करेगा। यात्रा के दौरान श्रद्धालु कई पवित्र स्थलों पर माथा टेकेंगे और धार्मिक आयोजनों में भाग लेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, यह जत्था 30 जून को भारत लौटेगा।


यात्रा के लिए सभी व्यवस्थाएं की गईं

यात्रा के संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने ली है। जत्थे का नेतृत्व समिति के सदस्य बाबा बूटा सिंह कर रहे हैं, जबकि डिप्टी लीडर के रूप में खुशविंदर सिंह भाटिया और बीबी हरजिंदर कौर शामिल हैं। प्रशासनिक प्रबंधन की जिम्मेदारी उप सचिव आजाददीप सिंह को सौंपी गई है।


श्रद्धालुओं में उत्साह की लहर

एसजीपीसी के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मनन ने बताया कि पाकिस्तान के ऐतिहासिक गुरुधामों के दर्शन करना हर सिख श्रद्धालु की बड़ी इच्छा होती है। इसीलिए, इस यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि समिति ने यात्रा को सफल और सुचारू बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं।


290 श्रद्धालुओं को मिला वीजा

इस बार यात्रा के लिए कुल 302 श्रद्धालुओं के पासपोर्ट वीजा प्रक्रिया के लिए भेजे गए थे। हालांकि, इनमें से 12 आवेदकों को वीजा नहीं मिला। इसके परिणामस्वरूप, 290 श्रद्धालुओं को वीजा प्राप्त हुआ और उन्हें यात्रा के लिए पासपोर्ट सौंप दिए गए। महाराजा रणजीत सिंह सिख इतिहास के महानतम शासकों में से एक माने जाते हैं। उनकी पुण्यतिथि पर पाकिस्तान के ऐतिहासिक गुरुद्वारों की यात्रा श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस यात्रा के माध्यम से श्रद्धालु सिख विरासत और इतिहास से जुड़े पवित्र स्थलों का दर्शन कर सकेंगे। यह यात्रा न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि दोनों देशों के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को भी मजबूत करने का एक माध्यम है।