महिंद्रा थार की डिजाइन में महिला का योगदान: रामकृपा अनंतन की प्रेरणादायक कहानी
प्रेरणादायक यात्रा:
BITS पिलानी से इंजीनियरिंग की डिग्री
रामकृपा अनंतन ने 1992 में BITS पिलानी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की। उनकी इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान, मशीनों की कार्यप्रणाली के साथ-साथ, उन्होंने डिजाइन और उपयोग के अनुभव को भी समझने की कोशिश की। यही रुचि उन्हें आगे डिजाइन की पढ़ाई के लिए प्रेरित किया।
IIT बॉम्बे से इंडस्ट्रियल डिजाइन में मास्टर्स
इंजीनियरिंग की डिग्री के बाद, रामकृपा ने IIT बॉम्बे के इंडस्ट्रियल डिजाइन सेंटर में दाखिला लिया। वहां उन्होंने इंडस्ट्रियल डिजाइन में मास्टर्स की पढ़ाई की और 1997 में अपनी डिग्री हासिल की। इस शिक्षा ने उन्हें ऑटोमोबाइल क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान किया।
महिंद्रा में करियर की शुरुआत
1997 में रामकृपा ने महिंद्रा एंड महिंद्रा में शामिल होकर अपने करियर की शुरुआत की। उन्होंने इंटीरियर्स डिजाइनर के रूप में काम करना शुरू किया, जहां उनकी जिम्मेदारी गाड़ियों के अंदरूनी हिस्सों की डिजाइनिंग और यात्रियों के अनुभव पर ध्यान केंद्रित करना था। उनके अनुभव ने उन्हें कंपनी में आगे बढ़ने का अवसर दिया।
चीफ ऑफ डिजाइन के पद तक का सफर
महिंद्रा में काम करते हुए, रामकृपा की जिम्मेदारियां बढ़ती गईं और वह कंपनी की प्रमुख डिजाइन विशेषज्ञों में शामिल हो गईं। बाद में, उन्होंने ऑटो और फार्म इक्विपमेंट सेक्टर में चीफ ऑफ डिजाइन की भूमिका निभाई, जो उनके करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ था। इस पद पर, उन्हें डिजाइन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेने और टीम का नेतृत्व करने का अवसर मिला।
2020 की नई थार के डिजाइन में योगदान
रामकृपा अनंतन की प्रमुख उपलब्धियों में 2020 में लॉन्च हुई महिंद्रा थार की दूसरी पीढ़ी शामिल है। उस समय, वह कंपनी के ऑटो सेक्टर की चीफ डिजाइनर थीं। उनकी अगुवाई में, महिंद्रा की इन-हाउस डिजाइन टीम ने नई थार के लुक और डिजाइन पर काम किया। BITS के एलुमनाई न्यूजलेटर में उन्होंने बताया कि प्रारंभिक डिजाइन से लेकर अंतिम रूप देने तक कई बदलाव किए गए थे।
