मानसून की प्रगति: मौसम विभाग का ताजा अपडेट
मानसून की गति सामान्य, देश के अधिकांश हिस्सों को करेगा कवर
जून के अंत तक अधिकांश क्षेत्रों को कवर करने की संभावना
इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून अपेक्षाकृत अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। इसकी गति सामान्य बनी हुई है और यह लगातार सक्रिय रहकर लगभग आधे भारत को कवर कर चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, अगले कुछ दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम की गतिविधियाँ तेज रहने की उम्मीद है। इस दौरान, दक्षिण-पश्चिम मानसून भी आगे बढ़ेगा और नए क्षेत्रों को कवर कर सकता है।
मौसम विभाग ने बताया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए सभी परिस्थितियाँ अनुकूल हैं। अगले दो से तीन दिनों में यह कर्नाटक के शेष हिस्सों, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा के कुछ क्षेत्रों और दक्षिण छत्तीसगढ़ तक पहुँचने की संभावना है। यदि मानसून इसी गति से आगे बढ़ता रहा, तो यह जून के अंत तक देश के अधिकांश हिस्सों को कवर कर लेगा।
पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, केरल, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों में 24 घंटे के भीतर 64.5 मिमी से 115.5 मिमी तक वर्षा हो सकती है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ से बारिश
आईएमडी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इन राज्यों में गरज-चमक के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएँ चल रही हैं। विभाग ने पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों और पर्यटकों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी है। पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 20 जून तक बारिश की गतिविधियाँ जारी रह सकती हैं। विशेष रूप से राजस्थान के कुछ हिस्सों में मौसम अधिक प्रभावी रहने की संभावना है, जहाँ 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएँ चल सकती हैं।
