मार्क जकरबर्ग ने मेटा की AI रणनीति में हुई गलतियों को स्वीकार किया
मेटा की AI रीस्ट्रक्चरिंग में बदलाव
सैन फ्रांसिस्को: वर्तमान में, प्रमुख टेक कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने की कोशिश कर रही हैं। इसी क्रम में, फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप की मूल कंपनी मेटा ने इस वर्ष की शुरुआत में हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का निर्णय लिया। कंपनी का मानना था कि इस बड़े पैमाने पर छंटनी से उन्हें अपने AI लक्ष्यों को तेजी से प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। हालाँकि, अब मेटा के CEO मार्क जकरबर्ग ने स्वीकार किया है कि इस प्रक्रिया में कई गलतियाँ हुई हैं।
जकरबर्ग का पत्र: AI परिवर्तन में हुई गलतियाँ
हाल ही में, जकरबर्ग ने अपने कर्मचारियों को एक आधिकारिक पत्र में बताया कि मेटा का AI की दिशा में बदलाव पूरी तरह से सफल नहीं रहा। उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी बदलावों के साथ तालमेल बिठाने में आगे भी गलतियों की संभावना बनी रहेगी।
मई में हुई छंटनी
इस साल मई में, मेटा ने अपने वैश्विक कार्यबल का लगभग 10 प्रतिशत घटा दिया। मार्च के अंत में कंपनी में लगभग 78,000 कर्मचारी थे, जिनमें से 8,000 को निकाल दिया गया। इसके अलावा, लगभग 7,000 कर्मचारियों को AI से संबंधित नए प्रोजेक्ट्स पर काम करने के लिए स्थानांतरित किया गया। रिपोर्टों के अनुसार, इस रीस्ट्रक्चरिंग का प्रभाव कंपनी के लगभग 20 प्रतिशत कर्मचारियों पर पड़ सकता है।
AI एजेंट्स का उपयोग
मेटा उन कुछ प्रमुख टेक कंपनियों में से एक है, जो अपने कार्यप्रणाली को AI के आधार पर बदलने की योजना बना रही है। कंपनी अब अपने प्लेटफार्मों पर AI एजेंट्स का उपयोग करने पर विचार कर रही है, जो मानव श्रम की जगह ले सकते हैं। इससे कार्य की गति में वृद्धि होगी, लेकिन मानव श्रम की आवश्यकता कम हो जाएगी।
जकरबर्ग का नौकरी की सुरक्षा का आश्वासन
छंटनी के इस कठिन दौर में, जकरबर्ग ने कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष और छंटनी की संभावना नहीं है, लेकिन तकनीकी बदलावों के कारण भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहना आवश्यक है।
