मेटा इंडिया के अधिकारियों ने बच्चों के यौन शोषण से जुड़े मामलों पर एनसीपीसीआर के सामने पेशी दी
मेटा इंडिया की पेशी
नई दिल्ली। बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से संबंधित सामग्री के संदर्भ में मेटा इंडिया के उच्च अधिकारियों ने बुधवार को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के समक्ष दूसरी बार पेशी दी। इस बैठक में मेटा इंडिया के प्रमुख अरुण श्रीनिवास भी शामिल थे। हालांकि, श्रीनिवास ने मीडिया के सवालों का जवाब नहीं दिया।
सूत्रों के अनुसार, श्रीनिवास और उनकी टीम ने आयोग के समक्ष वही रुख दोहराया जो उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सामने रखा था। एनसीपीसीआर ने 9 सितंबर को मेटा इंडिया के प्रबंध निदेशक को सीएसईएएम से जुड़े विज्ञापनों की जांच के लिए बुलाया था। आयोग ने 'बीबीसी आई' की एक रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लेकर स्पष्टीकरण मांगा था।
इसके अलावा, एनसीपीसीआर ने बेंगलुरु में कंपनी द्वारा संचालित एक पालना-घर में बच्चों के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में कैपजेमिनी के एक वरिष्ठ अधिकारी को भी तलब किया।
इस बीच, मेटा ने बच्चों की सुरक्षा से संबंधित मामलों की रिपोर्ट सीधे भारतीय साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (आई4सी) द्वारा संचालित साइबर अपराध पोर्टल पर करने के लिए सहमति जताई है। सरकार सोशल मीडिया प्लेटफार्मों से ऑनलाइन बाल यौन शोषण और अन्य हानिकारक सामग्री के खिलाफ अधिक सुरक्षा उपायों की मांग कर रही है।
मेटा के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी के लिए बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता है और वह सरकार के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि अपराधियों को जवाबदेह ठहराया जाए। मेटा अब बाल सुरक्षा से संबंधित मामलों की रिपोर्ट सीधे आई4सी द्वारा संचालित साइबर अपराध पोर्टल पर करेगा।
अमेरिका में स्थित मेटा पहली बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनी है जो बच्चों की सुरक्षा से संबंधित मामलों की जानकारी सीधे भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को देने का वादा कर रही है। पहले, मेटा ऐसे मामलों की रिपोर्ट अमेरिका के 'नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रन' (एनसीएमईसी) को करती थी। नई व्यवस्था के तहत, भारतीय एजेंसियों को सीधे सूचनाएं उपलब्ध होंगी।
