मोनू हत्याकांड में एक और आरोपी की गिरफ्तारी, पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर रची थी साजिश
मोनू हत्याकांड की नई गिरफ्तारी
कसौला पुलिस ने मोनू हत्याकांड में एक और संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। इस आरोपी की पहचान गांव मुंडनवास कमालपुर के सोनू के रूप में हुई है। इससे पहले, पुलिस ने मृतक की पत्नी तन्नु सहित तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया था।
मामले का संक्षिप्त विवरण
जांचकर्ता के अनुसार, 10 जून को गांव जड़थल के रतनलाल ने थाना कसौला में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनका 21 वर्षीय बेटा मोनू 8 जून की रात करीब 10 बजे दवाई लेने के लिए घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। पुलिस ने तुरंत गुमशुदगी का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की।
शव की बरामदगी और प्रारंभिक जांच
जांच के दौरान, 10 जून को पुलिस को आसलवास नहर में एक युवक का शव मिला। शव की पहचान मोनू के रूप में हुई। मौके पर पहुंची 'सीन ऑफ क्राइम' (FSL) टीम ने पाया कि मृतक के शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं थे और उसकी स्कूटी भी नहर के पास मिली थी, जिससे मामला नहर में डूबने का प्रतीत हो रहा था। शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया।
परिजनों की आशंका और हत्या का खुलासा
मृतक के परिजनों ने हत्या की आशंका जताई, जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और हत्या की धाराएं जोड़ दीं। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने गहनता से जांच शुरू की। इसके परिणामस्वरूप, पुलिस ने पहले ही तीन मुख्य आरोपियों—तन्नु, हरिओम और अमन को गिरफ्तार कर लिया था।
हत्या की साजिश का खुलासा
पुलिस जांच में यह सामने आया कि तन्नु का एक युवक सोनू के साथ प्रेम संबंध था। अपने पति मोनू को रास्ते से हटाने के लिए तन्नु ने सोनू के साथ मिलकर उसकी हत्या की योजना बनाई। इस वारदात को अंजाम देने के लिए तन्नु ने सोनू के दो दोस्तों—हरिओम और अमन की मदद ली।
वारदात का तरीका
तन्नु ने अपने पति मोनू को फोन करके गांव कसोली बुलाया। जैसे ही मोनू वहां पहुंचा, हरिओम और अमन ने उसे पकड़ लिया। उन्होंने मोनू का मुंह और नाक दबाकर उसे बेहोश कर दिया और फिर सबूत मिटाने के लिए उसे आसलवास नहर में फेंक दिया।
आगामी कार्रवाई
पुलिस ने सोमवार को एक और आरोपी सोनू को गिरफ्तार किया है। उसे अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
