मोहन भागवत ने छात्रों के प्रदर्शन पर दी प्रतिक्रिया, कहा 'जेन जी' देशभक्त हैं
छात्रों के प्रदर्शन पर मोहन भागवत की टिप्पणी
मुंबई में जंतर मंतर पर छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि संविधान सभी को प्रदर्शन और आंदोलन का अधिकार देता है। भागवत ने यह भी कहा कि 'जेन जी' के छात्र और युवा देश के प्रति अधिक ईमानदार और देशभक्त हैं।
भागवत ने नई पीढ़ी की आवाज़ को सुनने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, 'हमें उनकी बात सुननी चाहिए। संवाद की कमी के कारण ही जंतर मंतर पर आंदोलन हुआ।' यह संवाद कार्यक्रम मुंबई के नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में आयोजित किया गया था, जिसमें संघ प्रमुख ने 'जेन जी' के युवाओं के साथ सीधा संवाद किया।
युवाओं ने नीट यूजी पेपर लीक के खिलाफ 36 दिनों तक जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया था, जिसके परिणामस्वरूप शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। इस दौरान पुलिस ने छात्रों पर लाठी चार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। भागवत ने इस घटना की जांच की मांग की है।
उन्होंने कहा कि आंदोलन तब होता है जब बातचीत विफल हो जाती है। अगर सरकार पहले ही बात कर लेती, तो आंदोलन की आवश्यकता नहीं होती। हालांकि, उन्होंने 'जेन जी' को सलाह दी कि प्रदर्शन कैसे करना चाहिए, इस पर ध्यान देना चाहिए।
भागवत ने सरकार को भी सलाह दी कि अगर 'जेन जी' चिल्ला रहे हैं, तो इसका मतलब है कि उन्हें कोई समस्या है। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य सिस्टम में सुधार होना चाहिए, न कि किसी के खिलाफ। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदर्शन में कुछ उपद्रवी शामिल हो गए थे, लेकिन उन्हें 'जेन जी' पर भरोसा करना चाहिए।
