यमन के हूती विद्रोहियों की सऊदी अरब के खिलाफ नई सैन्य चेतावनी
हूती विद्रोहियों की गंभीर चेतावनी
यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ अपने सैन्य अभियानों को और तेज करते हुए एक नई और गंभीर चेतावनी जारी की है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि मक्का और मदीना को छोड़कर सऊदी अरब के सभी हवाई अड्डे और हवाई क्षेत्र अब उनके लिए सैन्य कार्रवाई का क्षेत्र बन चुके हैं। उन्होंने दुनिया भर की एयरलाइनों और यात्रियों को चेतावनी दी है कि वे जल्द से जल्द सऊदी अरब के हवाई अड्डों का उपयोग बंद कर दें। याह्या सारी ने कहा कि हवाई अड्डे और हवाई क्षेत्र हमारे निशाने पर हैं और किसी भी असफल प्रयास के लिए सऊदी अरब जिम्मेदार होगा। यह चेतावनी सऊदी अरब की राजधानी रियाद में किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले के बाद आई है, जिसमें कम से कम 12 लोगों की जान गई और 309 से अधिक लोग घायल हुए।
सऊदी अरब में बढ़ता तनाव
सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच तनाव बढ़ गया है, जब हूतियों ने आरोप लगाया कि सऊदी अरब ने यमन की राजधानी सना में एक ईरानी नागरिक विमान को उतरने से रोकने की कोशिश की। इसके जवाब में, हूतियों ने सऊदी अरब के बुनियादी ढांचों, तेल रिफाइनरियों और हवाई अड्डों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की एक श्रृंखला शुरू कर दी है। इस हमले के बाद, अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तुरंत कड़े कदम उठाए हैं। कई प्रमुख शहरों में स्कूल और कॉलेज ऑनलाइन मोड में शिफ्ट कर दिए गए हैं।
हमले का विनाशकारी प्रभाव
हूती विद्रोहियों द्वारा दागी गई मिसाइलें किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल तीन और चार पर गिरीं। धमाका इतना शक्तिशाली था कि वहां मौजूद सैकड़ों यात्रियों को मलवे में दबने का खतरा था। सऊदी अरब के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मारे गए 12 लोगों में सऊदी नागरिकों के अलावा कई विदेशी भी शामिल हैं। यह हमला इस सप्ताह में किंग खालिद हवाई अड्डे पर किया गया तीसरा हमला था। सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने स्पष्ट किया कि मक्का और मदीना के हवाई क्षेत्र को छोड़कर पूरा सऊदी अरब अब उनके सैन्य अभियानों का क्षेत्र है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
हमले के बाद से 225 से अधिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। प्रमुख एयरलाइनों ने रियाद के लिए अपनी सेवाएं अस्थाई रूप से निलंबित कर दी हैं। इस हमले की अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने कड़ी निंदा की है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसे एक कायरतापूर्ण कृत्य बताया और सऊदी अरब को सुरक्षा सहायता देने का आश्वासन दिया है।
