यूपीएससी परीक्षा में सवालों की गुणवत्ता पर उठे सवाल
यूपीएससी पर बढ़ते सवाल
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) पर सवाल उठना एक चिंताजनक स्थिति है, क्योंकि यह संस्था प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने वाले छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण भरोसे का प्रतीक रही है। सुप्रीम कोर्ट ने भी दो बार एनटीए और भारत सरकार से कहा है कि यूपीएससी के समान एक प्रणाली विकसित की जाए। लेकिन अब यूपीएससी के प्रश्न पत्रों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि यह प्रश्न पत्र लीक या परीक्षा में गड़बड़ी से संबंधित नहीं है, लेकिन प्रश्नों के निर्माण में हुई गड़बड़ियों के मामले सामने आ रहे हैं। इस साल प्रीलिम्स में कई प्रश्न ऐसे थे जिनमें एक से अधिक विकल्प सही हो सकते थे। छात्रों ने कम से कम 27 प्रश्नों के बारे में शिकायत की है।
छात्रों का कहना है कि या तो प्रश्न गलत थे, या विकल्पों में कोई सही उत्तर नहीं था, या फिर विकल्पों में एक से अधिक सही उत्तर थे। चार छात्रों ने इस साल की परीक्षा के आठ प्रश्नों को चुनौती दी है, जबकि 63 छात्रों ने 27 प्रश्नों को चुनौती दी है। इन 27 प्रश्नों में चार छात्रों द्वारा चुनौती दिए गए आठ प्रश्न भी शामिल हैं। इस मामले की सुनवाई कैट में चल रही है।
