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राजस्थान में लापता बच्चों की तलाश में AI का उपयोग

राजस्थान के अजमेर में, पुलिस ने दो लापता बच्चों की खोज के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया है। मोहम्मद इमरान और उस्मान, जो कई सालों से अपने परिवार से बिछड़ गए थे, की पहचान के लिए उनकी बचपन की तस्वीरों के आधार पर संभावित चेहरे तैयार किए गए हैं। पुलिस को उम्मीद है कि ये तस्वीरें किसी को उन्हें पहचानने में मदद कर सकती हैं। जानें इस तकनीक के माध्यम से बच्चों की खोज में क्या नई उम्मीदें जगी हैं।
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अजमेर में बच्चों की खोज के लिए AI का सहारा


अजमेर: राजस्थान के अजमेर में, पुलिस ने दो बच्चों की खोज के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा लिया है, जो कई साल पहले अपने परिवार से बिछड़ गए थे। अजमेर राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) ने इन बच्चों की बचपन की तस्वीरों के आधार पर उनके वर्तमान उम्र के संभावित चेहरों का निर्माण किया है। पुलिस को उम्मीद है कि इन तस्वीरों के माध्यम से कोई उन्हें पहचान सकेगा और उनकी खोज में सहायता कर सकेगा।


मोहम्मद इमरान का मामला

एक मामले में मोहम्मद इमरान का नाम शामिल है, जो 2010 में अजमेर रेलवे स्टेशन से लापता हुआ था। उस समय उसकी उम्र केवल 8 वर्ष थी। दूसरा बच्चा उस्मान है, जो 2014 में अपनी मां से अजमेर रेलवे स्टेशन पर बिछड़ गया था। दोनों बच्चों की खोज लंबे समय से चल रही है, लेकिन अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिला है।


इमरान की पहचान के लिए AI का उपयोग

पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, 13 मई 2010 को मोहम्मद यूसुफ अपने परिवार के साथ अजमेर आए थे। लौटते समय, उनका 8 वर्षीय नाती इमरान भीड़ में बिछड़ गया। परिवार ने उसकी काफी खोज की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। 29 मई 2010 को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। अब इमरान लगभग 23 वर्ष का हो चुका है, जिससे उसकी पहचान करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसी कारण पुलिस ने AI की मदद से उसकी पुरानी तस्वीर के आधार पर संभावित चेहरा तैयार किया है।


इमरान की पहचान के संकेत

पुलिस रिकॉर्ड में इमरान की कुछ पहचान भी दर्ज हैं। उसका शरीर पतला और रंग सांवला बताया गया है। उसके दाहिने हाथ की कलाई पर मस्सा था और सिर पर चोट के निशान भी थे। इसके अलावा, उसकी बोलने में तुतलाहट की जानकारी भी है। हालांकि, AI द्वारा तैयार किया गया चेहरा केवल संभावित है और इसे पक्की पहचान नहीं माना जा सकता।


उस्मान का मामला

दूसरा मामला उस्मान का है, जो 2014 में अपनी मां नजमा के साथ अजमेर आया था। 29 अप्रैल 2014 को वह अपनी मां से बिछड़ गया। उस समय उसकी उम्र लगभग 5 साल 6 महीने थी। परिवार ने उसकी काफी खोज की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। 13 जून 2014 को इस मामले में केस दर्ज किया गया। आज उस्मान लगभग 17 वर्ष का हो चुका है।


उस्मान की पहचान के संकेत

पुलिस रिकॉर्ड में उस्मान का रंग गोरा, चेहरा गोल और शरीर पतला बताया गया है। उसकी आंखों में हल्का भेंगापन भी है। पुलिस को उम्मीद है कि ये पहचान संबंधी संकेत और AI से तैयार तस्वीर मिलकर उसकी खोज में मदद कर सकते हैं।


बच्चों के लापता होने की चुनौतियाँ

बच्चों के लापता होने के मामलों में समय बीतने के साथ पहचान करना कठिन हो जाता है। बचपन की तस्वीरें कुछ सालों बाद पहचान के लिए उतनी उपयोगी नहीं रहतीं। ऐसे में AI द्वारा तैयार संभावित चेहरा एक अतिरिक्त सुराग प्रदान कर सकता है।


नई उम्मीद की किरण

इमरान को परिवार से बिछड़े लगभग 16 साल हो चुके हैं, जबकि उस्मान 12 साल से लापता है। इतने लंबे इंतजार के बाद, अजमेर GRP ने AI तकनीक के माध्यम से उनकी खोज को एक नया मोड़ देने का प्रयास किया है। पुलिस ने 22 अक्टूबर को दोनों बच्चों की AI से तैयार संभावित तस्वीरें सार्वजनिक की हैं। अब इन तस्वीरों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।