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राहुल गांधी ने महाराष्ट्र टीईटी पेपर लीक पर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने महाराष्ट्र टीईटी परीक्षा के पेपर लीक के मुद्दे पर मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस से सवाल उठाए हैं। उन्होंने परीक्षा की नई तारीख की मांग की और लीक के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। गांधी ने कहा कि यह अन्याय है कि मेहनती अभ्यर्थियों को सजा मिल रही है जबकि लीक करने वाले आज़ाद हैं। उन्होंने शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर भी बल दिया। जानें इस मुद्दे पर उनका पूरा बयान।
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महाराष्ट्र टीईटी परीक्षा स्थगित

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) 28 जून 2026 को आयोजित होने वाली थी, लेकिन पेपर लीक के कारण इसे स्थगित कर दिया गया। महाराष्ट्र स्टेट काउंसिल ऑफ एग्जामिनेशन (MSCE) ने इस बारे में जानकारी दी थी कि परीक्षा की नई तारीख जल्द ही घोषित की जाएगी। हालांकि, अब दो हफ्ते बीत चुके हैं और अभी तक नई तारीख का कोई संकेत नहीं मिला है। इस परीक्षा में 6 लाख से अधिक उम्मीदवारों के शामिल होने की उम्मीद है।


राहुल गांधी का मुख्यमंत्री से सवाल

इस मुद्दे पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस से तीन महत्वपूर्ण सवाल पूछे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि महाराष्ट्र TET का पेपर लीक हुआ है, जिसके कारण परीक्षा रद्द हुई। अब 6 लाख अभ्यर्थी अनिश्चितता में हैं और नई तारीख का कोई पता नहीं है।


शिक्षकों का भविष्य दांव पर

राहुल गांधी ने कहा कि लीक करने वाले लोग आज़ाद हैं, जबकि ईमानदारी से मेहनत करने वाले अभ्यर्थी सजा भुगत रहे हैं। ये शिक्षक हैं, जो भारत के भविष्य को संवारने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि ये वही लोग हैं जिन्होंने सालों तक तैयारी की, फॉर्म भरे और दूर-दराज के परीक्षा केंद्रों तक गए। अब वे बिना किसी तारीख़ और जवाब के इंतज़ार कर रहे हैं।


मुख्यमंत्री से तीन मांगें

राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री फडणवीस से तीन मांगें की हैं: पहली, TET की नई तारीख तुरंत घोषित की जाए; दूसरी, लीक के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए, न कि अभ्यर्थियों पर; और तीसरी, जिनका साल इस लीक के कारण बर्बाद हुआ, उन्हें उम्र सीमा में छूट दी जाए। उन्होंने कहा कि गलती संस्था की है, और सजा अभ्यर्थियों को देना न्याय नहीं है।


शिक्षा क्रांति का समय

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि 17 जुलाई को देहरादून में पेपर लीक के बढ़ते संकट पर विस्तार से चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि शिक्षा प्रणाली में सुधार किया जाए, ताकि युवाओं को उनकी मेहनत का फल मिले, न कि सिस्टम की नाकामी का सामना करना पड़े।