रूस में संसदीय चुनाव के दौरान ड्रोन हमले से हड़कंप
रूस में संसदीय चुनाव और ड्रोन हमले की घटनाएँ
नई दिल्ली। यूक्रेन के खिलाफ युद्ध शुरू होने के साढ़े चार साल बाद, रूस में संसदीय चुनाव हो रहे हैं। चुनाव के अंतिम दिन, रविवार को, मॉस्को और उसके आस-पास के क्षेत्रों में ड्रोन हमलों की एक बड़ी घटना हुई। इस हमले में कम से कम दो लोगों की जान चली गई, जिनमें एक 44 वर्षीय महिला और एक बुजुर्ग शामिल हैं। रूसी अधिकारियों ने इस हमले के साथ-साथ ऑनलाइन मतदान प्रणाली पर साइबर हमले का भी आरोप लगाया है।
मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने बताया कि इस हमले में एक बड़ी ऑयल रिफाइनरी को भी नुकसान पहुंचा है, हालांकि वहां किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। यूक्रेन की ओर से रूस के तेल संयंत्रों पर हमले की घटनाएँ बढ़ रही हैं, जिसके कारण रूस को अपनी आवश्यकताओं के लिए पेट्रोल और डीजल अन्य देशों से खरीदना पड़ रहा है।
सोबयानिन ने यह भी कहा कि शनिवार से रूस ने 1600 से अधिक ड्रोन को नष्ट किया है, जिनमें से लगभग 450 ड्रोन मॉस्को की ओर बढ़ रहे थे। एक ड्रोन के 21 मंजिला इमारत से टकराने के बाद आग लग गई, जिससे करीब 400 लोगों को इमारत से बाहर निकाला गया, जिनमें 70 बच्चे भी शामिल थे। यह चुनाव फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद का पहला संसदीय चुनाव है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस चुनाव को यूक्रेन में लड़ रहे सैनिकों के लिए जनता का समर्थन प्राप्त करने का एक अवसर मानते हैं। चुनाव के परिणामों को पुतिन की नीतियों और यूक्रेन युद्ध के समर्थन के रूप में पेश किया जा सकता है। भारतीय समयानुसार रविवार रात साढ़े 11 बजे से प्रारंभिक परिणाम आने की उम्मीद है, जबकि पूर्ण परिणाम सोमवार तक सामने आ सकते हैं। इस बीच, रूसी अधिकारियों ने चुनाव प्रक्रिया में यूक्रेन के हस्तक्षेप का आरोप लगाया है, लेकिन हमले के पीछे यूक्रेन का हाथ होने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
