रेवाड़ी पुलिस की साइबर सुरक्षा सलाह: ठगी से बचने के 10 महत्वपूर्ण उपाय
साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता
रेवाड़ी के पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस ने नागरिकों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति सचेत रहने की सलाह दी है। उन्होंने एक नई साइबर एडवाइजरी जारी की है, जिसमें बताया गया है कि साइबर ठग लगातार नए तरीकों से लोगों को ठगने का प्रयास कर रहे हैं। थोड़ी सी लापरवाही आपकी मेहनत की कमाई को खतरे में डाल सकती है।
एसपी मीणा ने कहा कि रेवाड़ी पुलिस साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है और जन जागरूकता अभियान भी चला रही है। यदि लोग समय पर सतर्क रहें, तो कई साइबर अपराधों से बचा जा सकता है।
रेवाड़ी पुलिस की साइबर एडवाइजरी
साइबर सुरक्षा के लिए सुझाव
- डिजिटल अरेस्ट का कोई अस्तित्व नहीं है
- ओटीपी और बैंक जानकारी साझा न करें
- स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स से सावधान रहें
- केवाईसी अपडेट के नाम पर धोखाधड़ी
- निवेश और ट्रेडिंग ऐप्स से दूरी बनाएं
- सोशल मीडिया अकाउंट्स को सुरक्षित रखें
- ऑनलाइन खरीदारी में सावधानी बरतें
- क्यूआर कोड स्कैन करने से पहले सोचें
- नौकरी के नाम पर ठगी से बचें
- बच्चों और बुजुर्गों को जागरूक करें
कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल के माध्यम से आपको 'डिजिटल अरेस्ट' नहीं कर सकती। यदि कोई अधिकारी बनकर आपको डराए या पैसे मांगे, तो तुरंत कॉल काट दें।
बैंक या सरकारी संस्थाएं कभी भी फोन या मैसेज के जरिए ओटीपी, एटीएम पिन, सीवीवी या नेट बैंकिंग पासवर्ड नहीं मांगतीं।
यदि कोई व्यक्ति AnyDesk या TeamViewer जैसे ऐप डाउनलोड करने के लिए कहे, तो सतर्क रहें। ये ऐप ठगों को आपके मोबाइल और बैंक खाते तक पहुंच प्रदान कर सकते हैं।
बैंक या अन्य सेवाओं के लिए भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें। हमेशा संबंधित संस्था की आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी प्राप्त करें।
कम समय में अधिक लाभ का लालच देकर भेजे गए लिंक से दूर रहें।
अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स पर मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) का उपयोग करें।
केवल विश्वसनीय वेबसाइटों से खरीदारी करें और विक्रेता की पूरी जांच करें।
कभी भी पैसे प्राप्त करने के लिए क्यूआर कोड स्कैन न करें।
सोशल मीडिया पर मिलने वाले पार्ट टाइम जॉब के ऑफर्स से सावधान रहें।
परिवार के बुजुर्गों और बच्चों को साइबर ठगी के तरीकों के बारे में बताएं।
एसपी मीणा ने कहा कि यदि किसी के साथ साइबर धोखाधड़ी होती है, तो घबराएं नहीं। तुरंत कार्रवाई करें। शिकायत जितनी जल्दी दर्ज होगी, ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना उतनी अधिक होगी।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि साइबर अपराध की स्थिति में राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
एसपी ने कहा, "सतर्क नागरिक ही साइबर अपराधियों के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा कवच हैं।" रेवाड़ी पुलिस नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
रेवाड़ी पुलिस का संदेश:
"सोच-समझकर क्लिक करें, किसी भी अनजान लिंक या कॉल में न आएं। आपकी सतर्कता ही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है।"
