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लखीसराय में अशोक धाम मंदिर में भगदड़ से 7 श्रद्धालुओं की मौत, राष्ट्रपति और पीएम ने व्यक्त किया दुख

बिहार के लखीसराय में अशोक धाम मंदिर में सोमवार को हुई भगदड़ में सात श्रद्धालुओं की जान चली गई। इस घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया है। हादसा उस समय हुआ जब श्रद्धालु सावन की सोमवारी पर पूजा करने पहुंचे थे। अफवाहों के कारण भगदड़ मच गई, जिससे कई लोग घायल भी हुए। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है और प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान करने में जुटा है।
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लखीसराय में दुखद भगदड़

बिहार: लखीसराय के अशोक धाम मंदिर में सोमवार (17 अगस्त) की सुबह एक भगदड़ के कारण कम से कम सात श्रद्धालुओं की जान चली गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। इस घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई है।


राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लखीसराय में हुई भगदड़ पर गहरा दुख प्रकट करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की मौत की खबर अत्यंत दुखद है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।




प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखीसराय में हुई इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में उनकी संवेदनाएं मृतकों के परिवारों के साथ हैं। पीएम मोदी ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और बताया कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता में जुटा है।




यह हादसा उस समय हुआ जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु सावन की सोमवारी पर भगवान शिव की पूजा करने के लिए मंदिर पहुंचे थे। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हुई थीं।


लखीसराय के जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार के अनुसार, श्रद्धालुओं की कतार अशोक धाम हॉल्ट तक पहुंच गई थी। इसी दौरान एक बिजली का खंभा गिर गया, जिससे अफवाह फैल गई कि बिजली का तार गिरा है। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह केवल केबल का तार था।


अफवाह फैलते ही श्रद्धालुओं में दहशत मच गई, जिससे महिलाओं की कतार में दबाव बढ़ गया और कई महिलाएं एक-दूसरे पर गिर पड़ीं। जिलाधिकारी के अनुसार, यह पूरी घटना मात्र दो मिनट में घटित हुई।


इस हादसे में सात श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हुई है और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों को तुरंत सदर अस्पताल पहुंचाया गया।


जिलाधिकारी ने बताया कि मंदिर के आसपास पहले से आपातकालीन व्यवस्थाएं की गई थीं। घटनास्थल के करीब 200 मीटर के दायरे में एम्बुलेंस और पुलिसकर्मी मौजूद थे, जिससे घायलों को तेजी से अस्पताल पहुंचाया जा सका।


प्रशासन भगदड़ के कारणों की जांच कर रहा है और प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान करने में जुटा है। अधिकारी मौके की परिस्थितियों और भीड़ प्रबंधन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं।