लखीसराय में अशोक धाम मंदिर में भगदड़ से 7 श्रद्धालुओं की मौत, राष्ट्रपति और पीएम ने व्यक्त किया दुख
लखीसराय में दुखद भगदड़
बिहार: लखीसराय के अशोक धाम मंदिर में सोमवार (17 अगस्त) की सुबह एक भगदड़ के कारण कम से कम सात श्रद्धालुओं की जान चली गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। इस घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लखीसराय में हुई भगदड़ पर गहरा दुख प्रकट करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की मौत की खबर अत्यंत दुखद है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
बिहार के लखीसराय जिले में भगदड़ की दुर्घटना में श्रद्धालुओं की मृत्यु का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। मैं शोक-संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूँ। मैं घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूँ।
— President of India (@rashtrapatibhvn) August 17, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखीसराय में हुई इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में उनकी संवेदनाएं मृतकों के परिवारों के साथ हैं। पीएम मोदी ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और बताया कि स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता में जुटा है।
Pained by the loss of lives due to a stampede in Lakhisarai, Bihar. My thoughts are with the bereaved families in this hour of grief. May the injured recover at the earliest. The local administration is assisting those affected: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) August 17, 2026
यह हादसा उस समय हुआ जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु सावन की सोमवारी पर भगवान शिव की पूजा करने के लिए मंदिर पहुंचे थे। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हुई थीं।
लखीसराय के जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार के अनुसार, श्रद्धालुओं की कतार अशोक धाम हॉल्ट तक पहुंच गई थी। इसी दौरान एक बिजली का खंभा गिर गया, जिससे अफवाह फैल गई कि बिजली का तार गिरा है। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह केवल केबल का तार था।
अफवाह फैलते ही श्रद्धालुओं में दहशत मच गई, जिससे महिलाओं की कतार में दबाव बढ़ गया और कई महिलाएं एक-दूसरे पर गिर पड़ीं। जिलाधिकारी के अनुसार, यह पूरी घटना मात्र दो मिनट में घटित हुई।
इस हादसे में सात श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हुई है और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों को तुरंत सदर अस्पताल पहुंचाया गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि मंदिर के आसपास पहले से आपातकालीन व्यवस्थाएं की गई थीं। घटनास्थल के करीब 200 मीटर के दायरे में एम्बुलेंस और पुलिसकर्मी मौजूद थे, जिससे घायलों को तेजी से अस्पताल पहुंचाया जा सका।
प्रशासन भगदड़ के कारणों की जांच कर रहा है और प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान करने में जुटा है। अधिकारी मौके की परिस्थितियों और भीड़ प्रबंधन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं।
