लुधियाना की महरीन कौर ने कराटे में अंतरराष्ट्रीय सफलता हासिल की
महरीन कौर की अद्भुत उपलब्धि
लुधियाना, पंजाब की 5 वर्षीय महरीन कौर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। उन्होंने मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में आयोजित 25वीं माइलो इंटरनेशनल कराटे चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीता। इस प्रतियोगिता में 18 देशों के लगभग 2000 खिलाड़ियों ने भाग लिया। इतनी कम उम्र में मिली यह उपलब्धि पूरे पंजाब के लिए गर्व का विषय है।
प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में महरीन का प्रदर्शन
कुआलालंपुर के टिटिवांग्सा इंडोर स्टेडियम में आयोजित इस प्रतियोगिता में महरीन सबसे कम उम्र की प्रतिभागियों में से एक थीं। उन्होंने कड़े मुकाबले में आत्मविश्वास, अनुशासन और बेहतरीन खेल कौशल का परिचय दिया। उनके शानदार प्रदर्शन ने भारत का तिरंगा ऊंचा किया।
कराटे की यात्रा की शुरुआत
महरीन की मां, संदीप कौर, ने बताया कि उनकी बेटी बचपन से ही सक्रिय रही हैं। महरीन ने केवल दो साल की उम्र में कराटे की प्रैक्टिस शुरू की थी। पिछले डेढ़ साल से वह नियमित रूप से कोच की देखरेख में प्रशिक्षण ले रही हैं और इस दौरान उन्होंने कई स्थानीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में मेडल जीते हैं।
सफलता के लिए मेहनत
महरीन वर्तमान में एलकेजी की छात्रा हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन के बाद, उन्होंने अपनी तैयारी को और मजबूत किया। पहले वह रोजाना डेढ़ घंटे अभ्यास करती थीं, लेकिन प्रतियोगिता से पहले उन्होंने अपनी प्रैक्टिस बढ़ाकर दो से ढाई घंटे कर दी। उनकी मेहनत और अनुशासन ने उन्हें इस सफलता तक पहुँचाया।
महरीन के मेडल की संख्या
अब तक महरीन कौर ने कराटे में कुल पांच मेडल जीते हैं, जिनमें राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के गोल्ड और सिल्वर मेडल शामिल हैं। मलेशिया में जीता गया सिल्वर मेडल उनके करियर का पहला अंतरराष्ट्रीय पदक है, जिसने उनके खेल जीवन में एक नई उपलब्धि जोड़ी है।
कोच की प्रशंसा
महरीन की कोच ललिता रानी ने कहा कि वह एक प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। इतनी छोटी उम्र में भी वह हर तकनीक को सीखने के लिए उत्सुक रहती हैं और प्रशिक्षण के दौरान गंभीरता दिखाती हैं। उनकी सबसे बड़ी ताकत उनकी तेज और सटीक किक है। अब उन्हें एशियन और कॉमनवेल्थ स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जा रहा है।
