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लोकसभा में पारित हुआ एंटी-पेपर लीक संशोधन विधेयक, 2026

लोकसभा ने बुधवार को पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित किया। इस विधेयक में पेपर लीक से जुड़े अपराधों के लिए अधिकतम 10 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वे इस महत्वपूर्ण मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रहे हैं। उन्होंने युवाओं को 'मूर्ख' कहने पर भी चिंता जताई।
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लोकसभा में विधेयक का पारित होना

नई दिल्ली - लोकसभा ने बुधवार को पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित किया। इसके बाद सदन की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।


इस विधेयक के तहत पेपर लीक से संबंधित कानूनों को सख्त किया गया है। अब पेपर लीक से जुड़े अपराधों के लिए अधिकतम 10 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।


विपक्ष पर केंद्रीय मंत्री का हमला

विधेयक पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने विपक्ष, विशेषकर लोकसभा में विपक्ष के नेता पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण विधेयक पर सार्थक सुझाव देने के बजाय विपक्ष इसे राजनीतिक रंग दे रहा है।


जितेंद्र सिंह ने कहा, "विपक्ष का आचरण बेहद निराशाजनक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता को दर्शाने वाले इस गंभीर विधेयक पर रचनात्मक सुझाव देने के बजाय विपक्ष राजनीति कर रहा है। विपक्ष के नेता ने जिस भाषा का प्रयोग किया, वह न केवल असंसदीय थी, बल्कि अनुचित भी थी।"


युवाओं को 'मूर्ख' कहने पर जताई चिंता

उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष के नेता द्वारा देश के युवाओं को 'मूर्ख' कहना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा, "इस देश के युवाओं को, जो भविष्य हैं, 'मूर्ख' कहना इससे अधिक दुर्भाग्यपूर्ण और क्या हो सकता है।"


केंद्रीय मंत्री ने 21 जुलाई की घटना का उल्लेख करते हुए विपक्ष के नेता पर तंज कसा। उन्होंने कहा, "21 जुलाई को विपक्ष के नेता प्रधानमंत्री के आवास के बाहर जाकर बैठे थे, ऐसा लगा मानो उनकी इच्छा थी कि देश उन्हें चुने।"


गोली चलाने के आदेश पर स्पष्टीकरण

सदन में उठाए गए एक अन्य मुद्दे पर जवाब देते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा कि जिस घटना का उल्लेख किया जा रहा है, उसमें गोली नहीं चलाई गई थी, बल्कि केवल आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि गोली चलाने का आदेश देने का अधिकार मंत्री के पास नहीं, बल्कि मजिस्ट्रेट के पास होता है।


इस प्रकार, लोकसभा ने चर्चा के बाद पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 को पारित कर दिया। इसके बाद सदन की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।