Newzfatafatlogo

विशाल मेगा मार्ट को एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक बेचने पर आयोग ने सुनाया फैसला

लुधियाना के उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने विशाल मेगा मार्ट को एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक बेचने के मामले में दोषी ठहराया है। आयोग ने उपभोक्ता को 10 हजार रुपये मुआवजा और उत्पाद की कीमत वापस करने का आदेश दिया है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और आयोग के निर्णय के पीछे की वजह।
 | 

लुधियाना में उपभोक्ता आयोग का निर्णय


लुधियाना जिले के उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक मामले में विशाल मेगा मार्ट को एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक बेचने के लिए दोषी ठहराया है। आयोग ने मार्ट को 69.30 रुपये की कीमत वापस करने, उपभोक्ता को 10 हजार रुपये मुआवजा देने और मुकदमे के खर्च का भुगतान करने का आदेश दिया है।


शिकायत का विवरण

यह निर्णय आयोग के अध्यक्ष संजीव बत्रा और सदस्य मोनिका भगत की पीठ ने जसोवाल गांव की निवासी राजदीप कौर की शिकायत पर सुनाया। राजदीप कौर ने 30 जुलाई 2025 को विशाल मेगा मार्ट से 69.30 रुपये की कोल्ड ड्रिंक खरीदी थी, जिसके लिए उन्होंने कुल 116.05 रुपये का भुगतान किया।


घटना का संक्षिप्त विवरण

घर पहुंचने पर, राजदीप कौर ने देखा कि बोतल पर इस्तेमाल करने की अंतिम तारीख 29 जुलाई थी, जो कि उनकी खरीदारी के एक दिन पहले की थी। उन्होंने इस पर मार्ट में शिकायत की, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला।


आयोग की सुनवाई

राजदीप कौर ने फिर जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया। सुनवाई के दौरान, विशाल मेगा मार्ट ने तर्क दिया कि केवल खरीद बिल से यह साबित नहीं होता कि शिकायतकर्ता द्वारा पेश की गई एक्सपायरी बोतल उसी लेन-देन के दौरान खरीदी गई थी।


आयोग का निर्णय

आयोग ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया और कहा कि शिकायतकर्ता ने खरीद बिल के साथ एक्सपायरी उत्पाद की तस्वीरें भी पेश की थीं। इन सबूतों के आधार पर, आयोग ने मार्ट को जिम्मेदार ठहराया।


आयोग ने विशाल मेगा मार्ट को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी पाया और उसे 69.30 रुपये की कीमत वापस करने और 10 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया।


आयोग का आदेश

आयोग ने यह भी निर्देश दिया कि उपभोक्ता को यह राशि 30 दिनों के भीतर अदा की जाए। इस फैसले से स्पष्ट है कि दुकानदार और बड़े रिटेल स्टोर को ग्राहकों को सामान बेचते समय उसकी वैधता और अंतिम तारीख की जांच करनी चाहिए। उपभोक्ता एक्सपायरी उत्पाद की बिक्री के खिलाफ शिकायत कर सकते हैं और उचित राहत के लिए उपभोक्ता आयोग का रुख कर सकते हैं।