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वेनेजुएला में भूकंप से बढ़ी तबाही, मृतकों की संख्या 188 तक पहुंची

वेनेजुएला में आए भूकंप ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें 188 लोगों की जान चली गई है और 1,500 से अधिक लोग बेघर हो गए हैं। राहत कार्य तेजी से चल रहा है, जबकि कई देशों ने सहायता की पेशकश की है। भूकंप के कारण राजधानी काराकस में स्थिति गंभीर है, और अधिकारियों ने आपातकाल की घोषणा की है। जानें इस प्राकृतिक आपदा के बारे में और क्या जानकारी सामने आई है।
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भूकंप की तबाही

वेनेजुएला में आए शक्तिशाली भूकंप के कारण जान गंवाने वालों की संख्या बृहस्पतिवार को 188 हो गई है, जबकि 200 से अधिक लोग मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा, 1,500 से ज्यादा लोग बेघर हो गए हैं। राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया गया है।


अधिकारियों के अनुसार, बुधवार शाम को 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंपों ने प्रांतों में भारी नुकसान पहुंचाया, जिससे कई इमारतें ढह गईं। बचाव दल मलबे में दबे लोगों की खोज में जुटे हैं और मृतकों की संख्या में इजाफा होने की आशंका है।


भूकंप का प्रभाव

ये भूकंप एक सदी में वेनेजुएला में आए सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से माने जा रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि भूकंप के बाद देशभर में हजारों लोग लापता हैं। राजधानी काराकस के उत्तर में स्थित ला गुएरा क्षेत्र में जानमाल का सबसे अधिक नुकसान हुआ है।


भूकंप के कारण देश का प्रमुख हवाईअड्डा भी क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे विमानों का परिचालन रोकना पड़ा। भूकंप का असर पड़ोसी देशों में भी महसूस किया गया, और काराकस से लगभग 1,700 किलोमीटर दूर ब्राजील के अमेजन क्षेत्र में भी कई इमारतों को खाली कराया गया।


आपातकाल की घोषणा

राजधानी काराकस में लोग घबराकर सड़कों पर निकल आए और मलबे में लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने कहा कि भूकंप में कम से कम 188 लोगों की मौत हो गई है और 1,500 से अधिक लोग घायल हुए हैं। उन्होंने आपातकाल की घोषणा की और कहा कि कई क्षेत्रों में इमारतें ढह गई हैं।


रोड्रिगेज ने बताया कि ला गुएरा क्षेत्र को 'आपदा क्षेत्र' घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा के कारण दर्जनों इमारतें ढह गई हैं और बचाव अभियान को तेज किया गया है।


अंतरराष्ट्रीय सहायता

अधिकारियों ने बताया कि स्कूलों को कुछ दिनों के लिए बंद कर दिया गया है और कुछ स्कूल भवनों का उपयोग राहत शिविरों के रूप में किया जाएगा। ऑनलाइन साझा किए गए वीडियो में ला गुएरा में एक अस्पताल के बाहर दर्जनों लोगों का इलाज होते हुए देखा जा सकता है।


अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि उनका देश तुरंत खोज एवं बचाव दल, चिकित्सा संसाधन और मानवीय सहायता वेनेजुएला के लिए भेज रहा है। कई अन्य देशों ने भी सहायता देने की पेशकश की है।


स्थानीय स्थिति

स्थानीय लोगों ने बताया कि भूकंप के दौरान इमारतें जोर-जोर से हिलने लगीं और लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। कई स्थानों पर बिजली और मोबाइल नेटवर्क बाधित हो गया, जिससे स्थिति और कठिन हो गई।


अधिकारियों ने लोगों से शांत रहने और दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। काराकस के निवासी हेक्टर रिकी ने बताया, 'धीरे-धीरे सब हिलना शुरू हुआ और फिर बढ़ता गया, और आखिर में हमें अपने घर छोड़कर बाहर निकलना पड़ा।'


भूकंप की तीव्रता

अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, पहले भूकंप की तीव्रता 7.2 थी और इसका केंद्र मोरोन के पश्चिम में 22 किलोमीटर की गहराई में था। यह स्थान काराकस से लगभग 170 किलोमीटर दूर है। यूएसजीएस ने एक मिनट बाद 7.5 तीव्रता के दूसरे भूकंप की सूचना दी, जिसका केंद्र मोरोन से 16 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में था।


सैकड़ों लोगों ने पार्कों और अन्य खुली जगहों पर रात बिताई। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जिन घरों को ढांचागत नुकसान पहुंचा है, उनमें वापस न जाएं।