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शिकागो के पास हिंदू मंदिर में गोलीबारी की साजिश का खुलासा, दक्षिण एशियाई समुदाय में भय

शिकागो के निकट एक हिंदू मंदिर में सामूहिक गोलीबारी की साजिश का पर्दाफाश हुआ है, जिससे दक्षिण एशियाई समुदाय में भय का माहौल बन गया है। 11 अक्टूबर को नवरात्र के दौरान हुई इस घटना में एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है, जिसने भारतीय लोगों को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। स्थानीय नेता इस मामले को घृणा अपराध के रूप में जांच करने की मांग कर रहे हैं। इस घटना ने समुदाय में सुरक्षा की चिंता बढ़ा दी है, जबकि त्योहारों का समय परिवार और दोस्तों के साथ बिताने का होना चाहिए।
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सामूहिक गोलीबारी की योजना का पर्दाफाश

शिकागो के निकट एक हिंदू मंदिर में सामूहिक गोलीबारी की एक साजिश को विफल करने के बाद, क्षेत्र के दक्षिण एशियाई समुदाय में चिंता का माहौल बन गया है। यह घटना नवरात्र के दौरान हुई, जब श्रद्धालु मंदिरों में एकत्रित हुए थे। अभियोजकों के अनुसार, एलेक्जेंड्रोस पापोराकिस ने 11 अक्टूबर को ऑरोरा स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी (बालाजी) मंदिर के पार्किंग क्षेत्र में बैठकर गोलीबारी की कोशिश की, लेकिन उसकी राइफल जाम हो गई और वह भागने में सफल रहा। उसे बाद में शिकागो से लगभग 64 किलोमीटर दूर पैलेटाइन में गिरफ्तार किया गया।


आतंकवादी धमकी और गिरफ्तारी

एक टैको बेल कर्मचारी ने अधिकारियों को पापोराकिस की भारतीय लोगों को मारने की योजना के बारे में सूचित किया। उस पर आतंकवादी धमकी देने और अवैध रूप से हथियार रखने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उसे शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा।


समुदाय की प्रतिक्रिया

दक्षिण एशियाई समुदाय को एकजुट करने वाले गैर-लाभकारी संगठन ‘द शिकागो कसम’ की कार्यकारी निदेशक आशा राव ने कहा कि इस घटना ने समुदाय को स्तब्ध और आक्रोशित कर दिया है। उन्होंने बताया कि त्योहारों का समय परिवार और दोस्तों के साथ सुरक्षित माहौल में बिताने का होना चाहिए। स्वतंत्र स्तंभकार अवतंस कुमार ने कहा कि अब लोग अधिक सतर्क हो गए हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर ध्यान दे रहे हैं।


घृणा अपराध की जांच की मांग

राव ने बताया कि कुछ लोग अब घर से बाहर निकलने में हिचकिचा रहे हैं, लेकिन इस घटना ने उनके त्योहार मनाने के संकल्प को और मजबूत किया है। स्थानीय और अमेरिकी कांग्रेस के नेता जांच एजेंसियों से यह जानने की मांग कर रहे हैं कि क्या इस साजिश को घृणा अपराध के रूप में देखा जाना चाहिए। अभियोजकों के अनुसार, पापोराकिस ने खुद को श्वेत वर्चस्ववादी और नव-नाजी बताया और भारतीयों तथा अन्य अल्पसंख्यक समूहों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया।


अमेरिकी सांसद की अपील

अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने इस मामले की घृणा अपराध के रूप में जांच करने और मुकदमा चलाने के लिए संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) से अनुरोध किया है। ‘स्टॉप एएपीआई हेट’ के अनुसार, 2023 से 2025 के बीच दक्षिण एशियाई लोगों के खिलाफ ऑनलाइन अपमानजनक टिप्पणियों में 109 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। पिछले साल, दक्षिण एशियाई मूल के लगभग आधे वयस्कों ने नस्ल, जातीयता या राष्ट्रीयता के कारण घृणा का सामना करने की बात कही।


पापोराकिस के घर से बरामद सामग्री

अधिकारियों ने बताया कि पापोराकिस के निवास से हथियार, गोला-बारूद, दक्षिण एशियाई लोगों के खिलाफ अपमानजनक शब्दों वाली गैस की बोतलें और नाजी प्रतीकों वाली वस्तुएं बरामद की गईं। उसने एक नोट में बड़े पैमाने पर हत्या करने और अधिक से अधिक गैर-श्वेत लोगों को मारने की इच्छा भी व्यक्त की थी।