शिकागो में हिंदू मंदिर में गोलीबारी की कोशिश पर भारत के राजदूत की चिंता
हिंदू मंदिर में गोलीबारी की कोशिश पर प्रतिक्रिया
(सागर कुलकर्णी) वाशिंगटन, 15 अक्टूबर: अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने शिकागो के निकट एक हिंदू मंदिर में गोलीबारी की कोशिश को “बेहद परेशान करने वाली” घटना करार दिया। उन्होंने कहा कि सभ्य समाज में नस्लीय हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। यह टिप्पणी एक किशोर की गिरफ्तारी के एक दिन बाद आई है, जिसे इलिनॉय राज्य में एक हिंदू मंदिर में बड़े पैमाने पर गोलीबारी की साजिश रचने का आरोप लगाया गया है। क्वात्रा ने ‘एक्स’ पर लिखा, “ऑरोरा स्थित हिंदू मंदिर में सामूहिक गोलीबारी का प्रयास अत्यंत चिंताजनक है।
उन्होंने आगे कहा, “हिंदू विरोधी और भारत विरोधी नफरत सहित नस्लीय हिंसा का सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं है।” अमेरिका के असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल हरमीत ढिल्लों ने भी इस घटना की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा कि न्याय विभाग का नागरिक अधिकार प्रभाग इसकी जांच करेगा।
इलिनॉय के अरोरा में हिंदू मंदिर में हुई इस घटना की कई भारतीय प्रवासी समूहों ने निंदा की है। ‘फाउंडेशन फॉर इंडिया एंड इंडियन डायस्पोरा स्टडीज’ (एफआईआईडीएस) ने कहा कि यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि भारत-विरोधी और हिंदू-विरोधी नफरत केवल ऑनलाइन या राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे समुदाय और पूजा स्थलों के खिलाफ वास्तविक खतरों का रूप ले सकती है।
‘कोएलिशन ऑफ हिंदूज ऑफ नॉर्थ अमेरिका’ (सीओएचएनए) ने मंदिरों की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों से अपील की है। संगठन ने कहा, “हम निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और कानून लागू करने वाली एजेंसियों से आग्रह करते हैं कि वे हिंदू पूजा स्थलों के खिलाफ बढ़ते खतरों को गंभीरता से लें और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करें।” ‘हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन’ की कार्यकारी निदेशक सुहाग शुक्ला ने कहा कि यह नफरत अब एक स्पष्ट हिंदू-विरोधी भावना का रूप ले चुकी है, जो ऑनलाइन ‘श्वेत वर्चस्ववादियों’ को कट्टर बना रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऑनलाइन नफरत का असल दुनिया में हिंसा का रूप धारण करने का खतरा पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गया है।
