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साइबर ठगी का नया तरीका: 5 रुपये के नोट के बदले 1 करोड़ रुपये का झांसा

फरीदाबाद में एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक विज्ञापन के चलते साइबर ठगी का शिकार हो गया। 5 रुपये के पुराने नोट के बदले 1 करोड़ रुपये मिलने का झांसा देकर ठगों ने उससे 1,02,267 रुपये वसूल लिए। इस घटना ने यह स्पष्ट किया है कि ऐसे दावे पूरी तरह से फर्जी होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों से बचने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए और किसी भी अनजान व्यक्ति से व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। यदि कोई ठगी का शिकार हो जाता है, तो तुरंत संबंधित हेल्पलाइन पर संपर्क करना चाहिए।
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साइबर ठगी का मामला सामने आया

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर फैलने वाले हर दावे को सच मान लेना सही नहीं है। हाल ही में 5 रुपये के पुराने नोट के बदले 1 करोड़ रुपये मिलने का दावा तेजी से लोगों को आकर्षित कर रहा है। इस लालच का फायदा उठाते हुए साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं। हरियाणा के फरीदाबाद में एक व्यक्ति के साथ हुई ठगी ने इस मामले की सच्चाई को उजागर किया है। ठगों ने पुराने नोट के बदले बड़ी रकम का झांसा देकर एक लाख रुपये से अधिक की राशि वसूल की। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।


फेसबुक विज्ञापन से शुरू हुई ठगी

फरीदाबाद के सेक्टर 8 के निवासी को फेसबुक पर 5 रुपये के पुराने नोट के बदले 1 करोड़ रुपये का विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन में दिए गए नंबर पर संपर्क करने पर ठग ने खुद को एक कंपनी का अधिकारी बताया और नोट की तस्वीर भेजने के लिए कहा। पीड़ित ने नोट की फोटो साझा कर दी।


चार्ज के नाम पर ठगी

नोट की तस्वीर मिलने के बाद ठगों ने कहा कि 1 करोड़ रुपये जारी करने से पहले जीएसटी, एयरपोर्ट फीस, सेल टैक्स और अन्य शुल्क जमा करने होंगे। पीड़ित ने विभिन्न बैंक खातों में कुल 1,02,267 रुपये जमा कर दिए। पैसे भेजने के बाद न तो कोई भुगतान मिला और न ही ठगों से संपर्क हो सका।


1 करोड़ रुपये का दावा झूठा

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह दावा पूरी तरह से फर्जी है। भारतीय रिजर्व बैंक या भारत सरकार पुराने नोटों के बदले ऐसी कोई राशि नहीं देती। ऐसे संदेश और विज्ञापन केवल लोगों को धोखा देने के लिए फैलाए जाते हैं। इसलिए किसी भी ऑफर पर भरोसा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें।


सावधानी बरतें

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाले आकर्षक विज्ञापनों या लिंक पर बिना पुष्टि किए क्लिक करने से बचें। यदि कोई सरकारी संस्था के नाम पर बड़ी रकम देने का दावा करे, तो उसकी आधिकारिक जानकारी की जांच अवश्य करें।


ठगी का शिकार होने पर क्या करें

अगर कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें। साथ ही भारत सरकार के साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। बैंक को तुरंत सूचित करें और खाते से होने वाले लेनदेन पर रोक लगाने का प्रयास करें। सभी ट्रांजैक्शन और चैट से जुड़े सबूत सुरक्षित रखें।