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सिगरेट की कीमतों में फिर से वृद्धि, उपभोक्ताओं पर पड़ेगा असर

आईटीसी ने अपने प्रमुख सिगरेट ब्रांड्स की कीमतों में वृद्धि की है, जिससे सिगरेट प्रेमियों पर आर्थिक बोझ बढ़ने की संभावना है। गोल्ड फ्लेक प्रीमियम की कीमत 10 रुपये बढ़कर 135 रुपये हो गई है, जबकि अन्य ब्रांड्स जैसे क्लासिक कनेक्ट और सुपर स्टार की कीमतें भी आसमान छू रही हैं। जानें इस वृद्धि के पीछे के कारण और इसके प्रभाव के बारे में।
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नई दिल्ली में सिगरेट की कीमतों में इजाफा

नई दिल्ली: सिगरेट प्रेमियों के लिए एक बार फिर महंगाई का सामना करना पड़ा है। प्रमुख एफएमसीजी और तंबाकू निर्माता आईटीसी ने सितंबर में अपने लोकप्रिय सिगरेट ब्रांड्स की कीमतों में वृद्धि की है। कंपनी के प्रीमियम ब्रांड गोल्ड फ्लेक सहित कई अन्य वेरियंट्स की कीमतें 8% से लेकर 13% तक बढ़ाई गई हैं। इस साल की लगातार मूल्य वृद्धि से उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ने की संभावना है।


गोल्ड फ्लेक प्रीमियम की कीमत में बढ़ोतरी

गोल्ड फ्लेक प्रीमियम 10 रुपये महंगा, साल में दूसरी बार बढ़े दाम
हाल ही में किए गए संशोधन के बाद, 'गोल्ड फ्लेक प्रीमियम' के 10 सिगरेट वाले पैक की खुदरा कीमत 125 रुपये से बढ़कर 135 रुपये हो गई है। यह लगभग 8% की वृद्धि है। यह इस साल गोल्ड फ्लेक प्रीमियम की कीमत में दूसरी बार वृद्धि है। पहले जून में, इस पैक की कीमत 115 रुपये से बढ़ाकर 125 रुपये की गई थी। इस प्रकार, साल की शुरुआत से अब तक इस पैक की कीमत में 20 रुपये (लगभग 17.4%) का इजाफा हो चुका है।


अन्य ब्रांड्स की कीमतों में भी वृद्धि

क्लासिक कनेक्ट और सुपर स्टार के दाम भी आसमान पर
आईटीसी ने केवल गोल्ड फ्लेक की कीमतें नहीं बढ़ाई हैं, बल्कि अन्य प्रमुख ब्रांड्स की कीमतों में भी इजाफा किया है। 'क्लासिक कनेक्ट' के 20 सिगरेट वाले पैक की कीमत 390 रुपये से बढ़ाकर 428 रुपये कर दी गई है, जो 9.74% की वृद्धि है। वहीं, 'गोल्ड फ्लेक सुपर स्टार' की 10 सिगरेट वाली पैकिंग अब 79 रुपये के बजाय 89 रुपये में मिलेगी, जिसमें 12.66% का इजाफा हुआ है। साल की शुरुआत में क्लासिक कनेक्ट का पैक 300 रुपये और सुपर स्टार का पैक 59 रुपये का था।


टैक्स और ड्यूटी में बदलाव का प्रभाव

टैक्स और एक्साइज ड्यूटी में बदलाव का सीधा असर
विशेषज्ञों के अनुसार, सिगरेट की कीमतों में हो रही इस वृद्धि का मुख्य कारण तंबाकू उत्पादों पर टैक्स और ड्यूटी में बदलाव है। सरकार द्वारा 1 फरवरी 2026 से सिगरेट पर जीएसटी दर 40% करने और नई एक्साइज ड्यूटी स्लैब लागू करने के बाद कंपनियां लागत का भार ग्राहकों पर डाल रही हैं। टैक्स वृद्धि के बाद आईटीसी का यह कदम आम सिगरेट उपभोक्ताओं के दैनिक बजट पर सीधा प्रभाव डालेगा।