सीबीआई ने झोटा हत्या मामले की जांच शुरू की, मानसा में दस्तावेज जब्त
पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान के नेता की हत्या
पंजाब में नशे के खिलाफ काम करने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा की जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे के कुछ घंटों बाद, सीबीआई की एक पांच सदस्यीय टीम मानसा पहुंची। यह टीम आधी रात को मानसा सिटी-2 थाने पहुंची और झोटा हत्या मामले से संबंधित सभी दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया।
सीबीआई टीम का दस्तावेजों पर कब्जा
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली से आई इस टीम में पांच सदस्य शामिल हैं, जिनमें दो अधिकारी भी हैं। मानसा के डीएसपी (मुख्यालय) पुष्पिंदर सिंह ने सीबीआई टीम के आगमन की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि मानसा सिटी-2 थाने में दर्ज एफआईआर नंबर 269 इस मामले से संबंधित है। झोटा के परिवार की मांग पर मुख्यमंत्री ने जांच सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया था।
गृह मंत्री का परिवार को आश्वासन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को पंजाब दौरे के दौरान झोटा के परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को आश्वासन दिया कि उन्हें न्याय मिलेगा। उन्होंने परिजनों से 24 घंटे इंतजार करने को कहा और 120 दिनों के भीतर जांच पूरी होने का वादा किया।
आप सरकार ने सीबीआई को जांच सौंपी
गृह मंत्री के पंजाब दौरे से पहले, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने झोटा हत्या मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की घोषणा की थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि राज्य सरकार नशे के खिलाफ लड़ाई में झोटा के परिवार के साथ खड़ी है। परिवार की मांग को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया।
झोटा की हत्या की घटना
परविंदर सिंह झोटा की हत्या 13 अक्टूबर को मानसा में एक केमिस्ट की दुकान पर गोली मारकर की गई थी। बताया गया है कि यह हमला प्रतिबंधित नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर हुए विवाद के कारण हुआ।
