Newzfatafatlogo

सुखना लेक का जलस्तर बढ़ने की ओर, प्रशासन ने बढ़ाई तैयारियां

सुखना लेक का जलस्तर बारिश के कारण तेजी से बढ़ रहा है, जिससे प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। चंडीगढ़ प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है और आसपास के क्षेत्रों पर निगरानी रखी जा रही है। फ्लड गेट खोलने की योजना बनाई गई है ताकि एक साथ अधिक पानी न छोड़ा जाए। जानें प्रशासन की तैयारियों और जल संग्रहण क्षमता में वृद्धि के बारे में।
 | 

सुखना लेक में जलस्तर में वृद्धि


चंडीगढ़ की पहचान मानी जाने वाली सुखना लेक अब फिर से पानी से भरने की दिशा में बढ़ रही है। हाल ही में, झील के कई हिस्सों में सूखे के संकेत देखे गए थे, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग द्वारा भारी बारिश की चेतावनी जारी करने के बाद, प्रशासन ने पूरी तरह से सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। झील और उसके आस-पास के क्षेत्रों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है।


बारिश का पानी झील तक पहुंच रहा है

शिवालिक पहाड़ियों में हो रही निरंतर बारिश का पानी कैचमेंट क्षेत्र के माध्यम से सुखना लेक तक पहुंच रहा है। इस कारण झील का जलस्तर 1158.5 फीट तक पहुंच गया है। मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों में और बारिश की संभावना जताई है, जिससे जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है।


प्रशासन की तैयारियां और निगरानी

संभावित बाढ़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए, चंडीगढ़ प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। पंचकूला और मोहाली के प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। सुखना रेगुलेटरी एंड पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है। इंजीनियरिंग विभाग की टीमें भी मौके पर तैनात हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।


फ्लड गेट खोलने की योजना

प्रशासन के अनुसार, फ्लड गेट को निर्धारित खतरे के स्तर तक पहुंचने से पहले ही चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा। इसका उद्देश्य एक साथ अधिक पानी छोड़ने की स्थिति से बचना है। पहले भी अधिक पानी छोड़ने के कारण आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो चुकी है, इसलिए इस बार एहतियात पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।


आसपास के क्षेत्रों पर नजर

प्रशासन ने सुखना चौक और उसके आस-पास के रिहायशी क्षेत्रों को भी अलर्ट कर दिया है। यदि बारिश जारी रहती है, तो निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में संबंधित विभागों को किसी भी आपात स्थिति का सामना करने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।


गाद हटाने से जल संग्रहण क्षमता में वृद्धि

इस वर्ष रेगुलेटरी एंड से गाद हटाने का कार्य किया गया है, जिससे वहां पानी रोकने की क्षमता में वृद्धि हुई है। हालांकि, मुख्य झील से अभी गाद नहीं निकाली गई है। कुछ वर्ष पहले सुखना लेक गंभीर सूखे का सामना कर चुकी थी, लेकिन इस बार लगातार बारिश ने झील को फिर से जीवन देने का कार्य किया है।