सुखना लेक में जलस्तर बढ़ने की संभावना, प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता
सुखना लेक का जलस्तर बढ़ रहा है
चंडीगढ़ की पहचान मानी जाने वाली सुखना लेक अब फिर से पानी से भरने की ओर अग्रसर है। हाल ही में, जहां लेक के कई हिस्सों में सूखे के कारण दरारें दिखाई दे रही थीं, वहीं अब शिवालिक पहाड़ियों में लगातार हो रही बारिश के चलते लेक में जल की मात्रा तेजी से बढ़ रही है।
कैचमेंट एरिया से बहकर आने वाले वर्षा जल के कारण लेक का जलस्तर 1158.5 फीट तक पहुंच गया है। मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों में भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे जलस्तर में और वृद्धि होने की उम्मीद है।
प्रशासन की सतर्कता और अलर्ट
संभावित खतरे को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने पूरी तरह से सतर्कता बरतने का निर्णय लिया है। पंचकूला और मोहाली प्रशासन को भी एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सुखना चौ और उसके आसपास के क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। सुखना लेक के रेगुलेटरी एंड पर चौबीसों घंटे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही इंजीनियरिंग विभाग की टीमें भी मौके पर तैनात हैं और जलस्तर पर लगातार नजर रख रही हैं।
फ्लड गेट खोलने की तैयारी
अधिकारियों के अनुसार, सुखना लेक के फ्लड गेट 1163 फीट के आसपास खोले जाते हैं, जबकि 1162.5 फीट को खतरे का स्तर माना जाता है। वर्तमान में जलस्तर इससे नीचे है, लेकिन भारी बारिश की स्थिति में जल स्तर कुछ ही घंटों में कई फीट तक बढ़ सकता है। इसलिए प्रशासन ने निर्णय लिया है कि अंतिम स्तर तक इंतजार करने के बजाय आवश्यकता पड़ने पर फ्लड गेट को चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा। इससे पानी का बहाव नियंत्रित रहेगा और निचले इलाकों पर अचानक दबाव नहीं पड़ेगा।
