सुखबीर सिंह बादल पर नांदेड में हमले के बाद अस्पताल में भर्ती
सुखबीर बादल को मेदांता में भर्ती किया गया
चंडीगढ़: शिरोमणि अकाली दल के नेता और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल को नांदेड में हुए हमले के बाद बेहतर चिकित्सा के लिए मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गुरुवार को गुरुद्वारा परिसर में सेवा के दौरान एक व्यक्ति ने उन पर कृपाण से हमला करने की कोशिश की थी, जिससे बादल के हाथ में चोट आई। नांदेड में प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति स्थिर बताई गई थी, और अब विशेषज्ञ चिकित्सक उनकी चोट का मूल्यांकन कर रहे हैं।
चोट की जांच के लिए अस्पताल में भर्ती
सुखबीर बादल को मेदांता अस्पताल की 15वीं मंजिल पर प्लास्टिक सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. संजय महेन्द्रू की देखरेख में रखा गया है। डॉक्टर उनके हाथ की चोट की जांच कर रहे हैं, और परिवार के सदस्य भी अस्पताल में मौजूद हैं। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, घावों का उपचार चल रहा है, और आगे की चिकित्सा प्रक्रिया के बारे में जानकारी डॉक्टरों की जांच के बाद दी जाएगी।
हमला नांदेड में हुआ
यह घटना गुरुवार को महाराष्ट्र के नांदेड स्थित गुरुद्वारा परिसर में हुई। सुखबीर बादल सेवा में थे, तभी जसपाल सिंह नामक व्यक्ति ने कथित तौर पर कृपाण निकालकर उन पर हमला करने का प्रयास किया। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी, और बादल ने भी बचाव किया, जिसके दौरान उनके हाथ में चोट आई। हमलावर को मौके पर ही काबू कर लिया गया।
इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे की बहादुरी
हमले के समय महाराष्ट्र पुलिस की विशेष सुरक्षा इकाई के इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे ने तेजी से कार्रवाई की। उन्होंने हमलावर का वार रोकने के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाया, जिससे बादल को गंभीर चोट लगने से बचाया जा सका। केंद्रे की दाहिनी हथेली पर करीब दो इंच गहरा घाव हुआ, फिर भी उन्होंने हमलावर को पकड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिसकर्मी को लगी चोट
घटना के बाद सुखबीर बादल और इंस्पेक्टर केंद्रे को नांदेड के यशोसाई अस्पताल ले जाया गया। केंद्रे के हाथ में आठ से दस टांके लगाए गए। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी नस या मांसपेशी को कोई नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने हमलावर का मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में लिया, जिससे जांच में मदद मिलने की उम्मीद है। उनकी तत्परता की पुलिस और अन्य लोगों ने सराहना की।
हमले की जांच जारी
प्राथमिक उपचार के बाद सुखबीर बादल की स्थिति स्थिर बताई गई थी। हाथ की चोट की बेहतर जांच और उपचार के लिए उन्हें मेदांता लाया गया। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और हमले के कारणों की जांच जारी है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है, और इस बीच, इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे की बहादुरी को लेकर चर्चा हो रही है।
