सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक निर्णय: एयरलाइंस को हवाई किराया नियमों का पालन करने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट का सख्त कदम
सुप्रीम कोर्ट ने हवाई यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। यह कदम त्योहारों, छुट्टियों और आपातकालीन स्थितियों में एयरलाइंस द्वारा मनमाने तरीके से किराए बढ़ाने से बचाने के लिए उठाया गया है। शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह अगले 7 दिनों के भीतर नए हवाई किराया नियमों को प्रकाशित करे।
एयरलाइंस के लिए चेतावनी
कोर्ट ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि कोई एयरलाइंस इन नियमों का पालन नहीं करती है, तो उसके विमानों को तुरंत ग्राउंडेड कर दिया जाएगा। इस मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच कर रही है।
केंद्र सरकार का समय
एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल कौशिक ने कोर्ट में बताया कि नियमों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया 3 हफ्तों में पूरी कर ली जाएगी। बेंच ने कहा कि केंद्र सरकार ने ड्राफ्ट नियमों को फाइनल करने के लिए 3 हफ्ते का समय मांगा है। अगली सुनवाई 7 सितंबर को होगी।
पिछले निर्देश
इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने 13 जुलाई को सरकार से भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024 के तहत बनाए गए नियमों को पेश करने के लिए कहा था। कोर्ट ने कहा था कि नियमों को सीलबंद लिफाफे में प्रस्तुत किया जाए।
हवाई किराए में सुधार की आवश्यकता
15 मई को सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हवाई किराए को तर्कसंगत बनाने की आवश्यकता है। सरकार ने कोर्ट को बताया था कि 2024 का नया कानून जनवरी 2025 में लागू होगा और इसके तहत नियम तैयार किए जा रहे हैं।
