सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के निलंबन की याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट का निर्णय
नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने की याचिका को अस्वीकार कर दिया। उन पर आरोप है कि उन्होंने SIR से संबंधित लगभग 14 निर्णय अन्य चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए। अदालत ने इन आरोपों पर चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण मांगा है। न्यायालय ने कहा कि यदि ये निर्णय बिना सहमति के लिए गए हैं, तो उन्हें रद्द किया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि 'Form-6 में किसी भी प्रकार के संशोधन को हमने स्वीकृति नहीं दी है। हम यह जानने का प्रयास करेंगे कि इसमें किसने परिवर्तन किया। दरअसल, चुनाव आयोग ने 9 दिन पहले कहा था कि Form 6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अतिरिक्त डिक्लेरेशन SIR के दौरान अलग से जोड़ा गया था, जिसे सर्वोच्च न्यायालय से मंजूरी प्राप्त है।
24 सितंबर: चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस का नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग, केंद्र सरकार और CEC को नोटिस जारी किया है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने इस याचिका पर केंद्र सरकार, चुनाव आयोग, CEC ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी, डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर मनीष गर्ग और DG (IT) सीमा खन्ना को नोटिस भेजा और 4 सप्ताह में जवाब मांगा है।
