सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना और अन्य के खिलाफ FIR को किया रद्द
समय रैना FIR मामला
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कॉमेडियन समय रैना और चार अन्य के खिलाफ दर्ज सभी FIR को रद्द कर दिया है। ये मामले उनके शो 'India’s Got Latent' में दिव्यांग व्यक्तियों के बारे में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों से संबंधित थे।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय पीठ ने यह निर्णय लिया, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल थे। अदालत ने कहा कि आरोपियों ने पहले दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए दिव्यांग व्यक्तियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए और सहायता राशि जुटाने का कार्य किया।
राहत पाने वाले व्यक्ति
समय रैना के साथ विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर उर्फ सोनाली आदित्य देसाई और निशांत जगदीश तनवर को भी इस मामले में राहत मिली है। अदालत ने इन सभी के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही समाप्त करते हुए अन्य संबंधित कार्यवाहियों को भी रद्द कर दिया।
कोर्ट की सराहना
सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना और अन्य आरोपियों द्वारा दिव्यांग व्यक्तियों के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। पीठ ने कहा कि जब प्रयास ईमानदार होते हैं, तो उनके सकारात्मक परिणाम सामने आने की संभावना होती है।
अदालत ने यह भी कहा कि ये युवा प्रतिभाशाली हैं और यदि उन्होंने अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाई है, तो इसका अच्छा प्रभाव देखने को मिल सकता है।
बड़े मुद्दे पर सुनवाई जारी
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को पूरी तरह समाप्त नहीं किया है। अदालत अब यह विचार करेगी कि ऑनलाइन और मनोरंजन सामग्री में दिव्यांग व्यक्तियों से जुड़े संवेदनशील विषयों पर बेहतर निगरानी और सावधानी कैसे सुनिश्चित की जा सकती है।
इसके लिए दिव्यांग व्यक्तियों से भी सुझाव लिए जाएंगे। कोर्ट इस व्यापक मुद्दे पर आगे आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर सकता है।
विवाद का सारांश
'India’s Got Latent' का विवादित एपिसोड 14 नवंबर 2024 को रिकॉर्ड किया गया था और बाद में प्रसारित किया गया। शो से जुड़े कुछ कलाकारों और मेहमानों पर अश्लील और कथित रूप से असंवेदनशील टिप्पणियां करने के आरोप लगे, जिसके बाद उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हुए।
