सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति पर नया अपडेट: इलाज से किया इनकार
सफदरजंग अस्पताल में सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति
नई दिल्ली - दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ने शनिवार को जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में एक नया मेडिकल बुलेटिन जारी किया। अस्पताल के अनुसार, वांगचुक में डिहाइड्रेशन, कॉम्पेन्सेटेड एसिडोसिस, सीरम पोटैशियम का स्तर कम होने और यूरिन में कीटोन का स्तर बढ़ने के लक्षण पाए गए हैं। हालांकि, उन्होंने इंट्रावेनस (आईवी) फ्लूइड, ओरल रीहाइड्रेशन फ्लूइड और दवाओं को लेने से मना कर दिया है।
अस्पताल के अनुसार, भर्ती के समय वांगचुक पूरी तरह से होश में थे और उनकी नाड़ी, रक्तचाप और ऑक्सीजन स्तर सामान्य थे। लेकिन जांच में शरीर में पानी की कमी, कॉम्पेन्सेटेड एसिडोसिस, सीरम पोटैशियम में कमी और रक्त शर्करा का स्तर 78 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर पाया गया। मेडिकल बुलेटिन में बताया गया कि भर्ती के समय यूरिन में कीटोन का स्तर 1+ था, जो दोपहर एक बजे तक बढ़कर 3+ हो गया।
अस्पताल ने कहा, "मरीज को आईवी फ्लूइड देने की सलाह दी गई थी, लेकिन उन्होंने सभी प्रकार के आईवी फ्लूइड, ओरल रीहाइड्रेशन फ्लूइड और अन्य दवाएं लेने से इनकार कर दिया। उनकी लगातार निगरानी की जा रही है और बेहतर स्वास्थ्य के लिए उन्हें इलाज के लिए समझाया जा रहा है।" इस बीच, जंतर-मंतर पर वांगचुक की स्वास्थ्य निगरानी कर रहे डॉक्टरों की टीम के सदस्य डॉ. नितिन दिघे ने कहा कि वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले जाने का कारण उनकी टीम को नहीं बताया गया।
डॉ. दिघे ने कहा, "मैं पिछले 20 दिनों से सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य निगरानी कर रहा हूं। हमारी मेडिकल टीम भी लगातार उनकी जांच कर रही थी, लेकिन अस्पताल में हमारे किसी भी डॉक्टर को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई। वहां गृह मंत्रालय का एक अधिकारी मौजूद था और हमें अपने मरीज से मिलने नहीं दिया गया।" उन्होंने यह भी कहा कि वांगचुक की पत्नी से मिली जानकारी के अनुसार अस्पताल में उनका पोटैशियम स्तर कम बताया गया, जबकि शुक्रवार दोपहर की जांच में पोटैशियम सामान्य था।
वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने सफदरजंग अस्पताल को पत्र लिखकर जल्द से जल्द डिस्चार्ज की प्रक्रिया पूरी करने का अनुरोध किया है। उन्होंने इलाज में पारदर्शिता की कमी का हवाला देते हुए वांगचुक को परिवार की पसंद के किसी अन्य चिकित्सा केंद्र में स्थानांतरित करने की मांग की है।
गौरतलब है कि जंतर-मंतर पर 21 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें शनिवार तड़के दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश और चिकित्सकों की सलाह पर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वांगचुक कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के उस आंदोलन में शामिल हैं, जो 6 जून से कथित नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। वांगचुक ने 28 जून से औपचारिक रूप से आमरण अनशन शुरू किया था।
