सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट, अमेरिकी रोजगार आंकड़ों का असर
सोने की कीमतों में गिरावट
इस सप्ताह अमेरिका से बेहतर रोजगार आंकड़ों के प्रकाश में सोने की कीमतों में 0.87 प्रतिशत की कमी आई है। यह स्थिति इस बात का संकेत है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक, फेडरल रिजर्व, ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रख सकता है।
शुक्रवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अगस्त डिलीवरी का सोना वायदा 2.47 प्रतिशत गिर गया, जबकि जुलाई डिलीवरी वाली चांदी वायदा में 6.27 प्रतिशत की गिरावट आई। वर्तमान में सोने का वायदा 1,55,600 रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,48,201 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के अनुसार, शुक्रवार को 999 प्यूरिटी वाले सोने की कीमत 1,54,238 रुपए प्रति 10 ग्राम रही, जबकि सोमवार को यह 1,55,599 रुपए थी। इस प्रकार, एक सप्ताह में सोने की कीमत में 1,361 रुपए की कमी आई है।
चांदी की कीमत भी कम हुई है, जहां 999 प्यूरिटी वाली चांदी की कीमत 2,56,908 रुपए प्रति किलोग्राम रही, जबकि सप्ताह की शुरुआत में यह 2,63,250 रुपए थी। इस प्रकार, चांदी की कीमत में 6,342 रुपए की गिरावट आई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स पर सोने की कीमत 136 डॉलर गिरकर 4,369 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस तक पहुंच गई, जो मार्च के अंत के बाद का सबसे कम स्तर है। इस सप्ताह सोने में लगभग 5 प्रतिशत की गिरावट आई है।
चांदी की कीमत भी 5.34 डॉलर गिरकर 68.63 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस तक पहुंच गई, जिससे चांदी में सप्ताहभर में लगभग 9 प्रतिशत की गिरावट आई। यह लगातार चौथा सप्ताह है जब चांदी की कीमतों में गिरावट आई है।
मजबूत रोजगार आंकड़ों के कारण डॉलर इंडेक्स 99.5 के करीब पहुंच गया है, जिससे अमेरिकी ट्रेजरी बॉंड यील्ड में भी वृद्धि हुई है। इससे सोने और चांदी जैसे बिना ब्याज वाले निवेश विकल्पों की मांग में कमी आई है।
विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका में महंगाई फेडरल रिजर्व के लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है, जिससे 2026 में ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना बनी हुई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी की स्थिति सोने की तुलना में अधिक कमजोर है, जिसमें बिकवाली का दबाव बना हुआ है।
हालांकि, सोने ने प्रमुख समर्थन स्तरों के आसपास कुछ मजबूती दिखाई है, जबकि चांदी में अभी भी सतर्कता का माहौल है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कॉमेक्स पर सोना फिलहाल 4,350 डॉलर के समर्थन स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है। 4,460 से 4,500 डॉलर का दायरा इसके लिए प्रमुख प्रतिरोध क्षेत्र माना जा रहा है।
पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की आपूर्ति, अमेरिकी डॉलर की चाल, केंद्रीय बैंकों की टिप्पणियां और प्रमुख आर्थिक आंकड़े आने वाले दिनों में सोना-चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगे।
