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सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का सच: हाइड्रोजन ट्रेन पर पथराव का दावा गलत

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक ट्रेन पर पथराव का दावा किया गया है। इसे भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन बताया जा रहा है, लेकिन रेलवे ने इस दावे को खारिज कर दिया है। जानें इस वीडियो की सच्चाई और क्या है असली कहानी।
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सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की सच्चाई

नई दिल्ली: हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक ट्रेन पर पथराव होते हुए दिखाया गया है। इसे भारत की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन बताया जा रहा है, जिस पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के समर्थकों द्वारा हमला किया गया है। वीडियो में स्पष्ट है कि जब ट्रेन एक स्टेशन के करीब पहुंचती है, तो वहां मौजूद भीड़ अचानक उस पर पत्थर फेंकने लगती है। लेकिन जब इस वीडियो की सच्चाई सामने आई, तो सभी चौंक गए।


अफवाहों का बाजार गर्म


इस वीडियो के वायरल होते ही कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे बिना किसी पुष्टि के शेयर करना शुरू कर दिया। कई पोस्ट में यह दावा किया गया कि यह घटना जंतर-मंतर पर चल रहे सीजेपी के प्रदर्शन से जुड़ी है। हालांकि, वीडियो में पत्थरबाजी तो स्पष्ट है, लेकिन यह नहीं बताया गया कि यह घटना किस स्टेशन की है या कब की है। इस कमी का फायदा उठाकर अफवाहें फैलाई गईं।




नॉर्दर्न रेलवे ने किया स्पष्टीकरण


इन भ्रामक दावों के बीच, नॉर्दर्न रेलवे ने खुद सामने आकर सच्चाई बताई। रेलवे ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही ट्रेन हाइड्रोजन ट्रेन नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि यह वीडियो संभवतः पुराना है और इसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। रेलवे ने आश्वासन दिया कि भारत की हाइड्रोजन ट्रेन अपनी निर्धारित समय-सारणी के अनुसार सुरक्षित रूप से चल रही है।


वायरल वीडियो में कौन सी ट्रेन है?


विशेषज्ञों और जागरूक सोशल मीडिया यूजर्स ने जब इस वीडियो की जांच की, तो असली कहानी सामने आई। वीडियो में दिख रहा इंजन हाइड्रोजन ट्रेन का नहीं, बल्कि 'WAG-12' इलेक्ट्रिक फ्रेट लोकोमोटिव का है। यह इंजन भारतीय रेलवे और विदेशी कंपनी एल्सटॉम की साझेदारी से निर्मित है। यह साबित हो चुका है कि एक पुराने ट्रेन के वीडियो को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।