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हरियाणा में बारिश का अलर्ट: 14 जिलों में भारी बारिश और जलभराव

हरियाणा में मौसम विभाग ने 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। गुरुग्राम में जलभराव के कारण नेशनल हाईवे पर जाम लग गया है, जबकि रेवाड़ी में एक मकान गिरने से मां-बेटा घायल हुए हैं। यमुनानगर में पथराला नदी का तटबंध टूटने से कई गांवों की फसलें जलमग्न हो गई हैं। जानें और क्या हो रहा है हरियाणा में इस बारिश के मौसम में।
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मौसम विभाग का अलर्ट


चंडीगढ़: हरियाणा में गुरुवार को भारी बारिश ने 6 जिलों को प्रभावित किया। इनमें हिसार, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, पानीपत और रेवाड़ी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, अंबाला और कुरुक्षेत्र के कुछ हिस्सों में भी बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, 14 जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना है, जिनमें फतेहाबाद, हिसार, हांसी, जींद, भिवानी, चरखीदादरी, रोहतक, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, नूंह, फरीदाबाद और पलवल शामिल हैं।


गुरुग्राम में जलभराव और जाम

गुरुग्राम में भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे नेशनल हाईवे पर मानेसर के पास जाम लग गया। सेक्टर 55 में जलभराव के कारण कई वाहन, जिसमें स्कूली बस भी शामिल थी, फंस गए। इस स्थिति को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी है और कॉर्पोरेट क्षेत्र से अपील की है कि वे अपने कर्मचारियों को घर से काम करने की सुविधा प्रदान करें। वहीं, हिसार में भी जलभराव की समस्या उत्पन्न हुई, जिससे स्थानीय लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।


रेवाड़ी में मकान गिरने की घटना

रेवाड़ी में मकान गिरा, मां-बेटा मलबे में दबे


हरियाणा में बारिश का अलर्ट: 14 जिलों में भारी बारिश और जलभराव


रेवाड़ी के कोहरड़ गांव में बारिश के कारण एक मकान गिर गया। इस घटना में एक महिला और उसका 7 वर्षीय बेटा घायल हो गए। सरपंच प्रतिनिधि रणबीर ने बताया कि यह घटना बारिश के दौरान हुई। मलबे में दबने से ओमप्रकाश की पुत्रवधू को चोटें आई हैं, जबकि उसके भतीजे को मामूली चोटें आई हैं।


यमुनानगर में बाढ़ की स्थिति

यमुनानगर में पथराला नदी का तटबंध टूटा, फसलें जलमग्न


यमुनानगर के रायपुर गांव के पास पथराला नदी का तटबंध टूटने से आसपास के खेतों में पानी भर गया। इससे तरुवाला, रायपुर, बलौली, याकूबपुर और ऊर्जनी जैसे कई गांवों की सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई। पथराला नदी में 5,000 क्यूसेक जलप्रवाह होने पर बाढ़ की स्थिति मानी जाती है, जबकि वर्तमान में नदी में लगभग 5,700 क्यूसेक पानी बह रहा है।