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हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार: नए केंद्रों की स्थापना

हरियाणा सरकार ने ग्रामीण और उपनगरीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए चार नए स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना का निर्णय लिया है। इस पहल से फरीदाबाद, झज्जर और सिरसा जिलों के स्थानीय मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी। पल्ला सेहतपुर और मंझावली गांव में स्वास्थ्य केंद्रों का विस्तार किया जाएगा, जिससे मरीजों को अस्पतालों में लंबी कतारों से राहत मिलेगी। जानें इस महत्वपूर्ण निर्णय के बारे में और कैसे यह स्थानीय जनता को लाभ पहुंचाएगा।
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हरियाणा सरकार के स्वास्थ्य केंद्रों में सुधार

हरियाणा सरकार के स्वास्थ्य केंद्र: राज्य के ग्रामीण और उपनगरीय क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए हरियाणा सरकार ने चार सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रशासन ने दो मौजूदा स्वास्थ्य केंद्रों के विस्तार और दो नए केंद्रों की स्थापना को मंजूरी दी है। इससे फरीदाबाद, झज्जर और सिरसा जिलों के मरीजों को बड़ी और छोटी बीमारियों के लिए शहर के बड़े अस्पतालों में लंबी कतारों से राहत मिलेगी।


फरीदाबाद में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार:


फरीदाबाद जिले में स्वास्थ्य ढांचे में सबसे बड़ा परिवर्तन पल्ला सेहतपुर (Faridabad Palla Sehatpur CHC) और मंझावली गांव (Manjhawali PHC Faridabad) में देखने को मिलेगा। पल्ला सेहतपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) को अब 50 बेड वाले आधुनिक अर्बन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में परिवर्तित किया जाएगा। इससे स्थानीय निवासियों को बेहतर आपातकालीन प्राथमिक उपचार और भर्ती की सुविधा अपने क्षेत्र में ही मिलेगी।


मंझावली गांव में पहले से चल रहे उप-स्वास्थ्य केंद्र का दायरा बढ़ाकर उसे पूर्ण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का दर्जा दिया जाएगा। इस निर्णय से तिगांव और यमुना बेल्ट से जुड़े कई गांवों के मरीजों को सामान्य बुखार, प्रसव संबंधी सेवाओं और प्राथमिक जांच के लिए जिला मुख्यालय नहीं जाना पड़ेगा।


नए स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना:


सरकार ने झज्जर जिले के बुपेनिया गांव (Jhajjar Bupania Health Centre) में नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) स्थापित करने की मंजूरी दी है। वहीं, सिरसा जिले के अरनियांवाली गांव (Sirsa Arnianwali Sub Health Centre) में नया उप-स्वास्थ्य केंद्र खोला जाएगा। इन नए केंद्रों के शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण और आवश्यक दवाओं का वितरण सीधे उपलब्ध होगा।


स्थानीय जनता को लाभ:


गांवों में प्राथमिक उपचार की कमी के कारण मरीजों का समय और धन दोनों बर्बाद होते थे। जिला नागरिक अस्पतालों पर सामान्य बीमारियों के मरीजों का भारी दबाव रहता था। इन चारों केंद्रों के संचालन के बाद स्थानीय लोगों को समय पर दवाएं, प्राथमिक डायग्नोस्टिक सेवाएं और आपातकालीन देखभाल अपने गांव या नजदीकी कस्बे में उपलब्ध हो जाएगी। #HaryanaHealth #HealthCareHaryana #FaridabadUpdates