हरियाणा विधानसभा का मॉनसून सत्र: महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा
हरियाणा विधानसभा का सत्र शुरू
हरियाणा विधानसभा का मॉनसून सत्र रविवार से आरंभ हो गया है। इस सत्र में सरकार कई विधायी परिवर्तनों पर ध्यान केंद्रित करेगी। इसमें विभिन्न विधेयकों पर चर्चा होने की संभावना है, जिसमें आम जनता के मुद्दों के साथ-साथ व्यापारियों की समस्याएं भी शामिल होंगी।
संभावित चर्चा के मुद्दे
सरकार छोटे जल प्रदूषण उल्लंघनों के लिए आपराधिक कार्रवाई में छूट देने, नगर निकायों की संपत्तियों पर कब्जे और दावों की प्रक्रिया को स्पष्ट करने, ग्राम सभा की बैठकों का कोरम सरल बनाने, और उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए दो नए निजी विश्वविद्यालयों को कानून में शामिल करने से संबंधित विधेयकों पर चर्चा कर सकती है।
कारोबारियों के मुद्दे
सरकार का उद्देश्य ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना है, साथ ही पंचायतों के कार्यों और उच्च शिक्षा के विस्तार को भी सुगम बनाना है।
नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में दो नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना का रास्ता साफ होने जा रहा है। सरकार हरियाणा निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026 को विधानसभा में पेश करने की तैयारी कर रही है।
ग्राम सभा की बैठकें
ग्राम सभा की बैठक में कम उपस्थिति अब विकास संबंधी निर्णयों में बाधा नहीं बनेगी। हरियाणा सरकार ग्राम सभाओं की बैठकों का कोरम सरल बनाने के लिए हरियाणा पंचायती राज (संशोधन) विधेयक, 2026 को विधानसभा में पेश करेगी।
पंचायत चुनाव नियमों में बदलाव
यह विधेयक केवल ग्राम सभा के कोरम तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनाव से संबंधित वर्ष 2020 के नियमों में आवश्यक संशोधन का भी प्रावधान है।
अधिकारियों की भूमिका
संशोधन विधेयक में संपत्ति संबंधी मामलों में अधिकारियों की भूमिका और कार्रवाई की प्रक्रिया को स्पष्ट करने का प्रस्ताव है।
आपराधिक कार्रवाई का दायरा
सरकार छोटे उल्लंघनों पर आपराधिक कार्रवाई के दायरे को कम करने का प्रयास कर रही है। यह कदम उन छोटे अपराधों से संबंधित है, जिन्हें वर्तमान व्यवस्था में आपराधिक कार्रवाई के दायरे में रखा गया है।
