हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि: क्या अन्य राज्यों पर भी प्रभाव पड़ेगा?
पेट्रोल और डीजल की नई दरें
नई दिल्ली. मंगलवार, 11 अगस्त को हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल की कीमतों में वृद्धि की घोषणा की गई। अब राज्य के निवासियों और आगंतुकों को प्रति लीटर 60 पैसे का अतिरिक्त अनाथ एवं विधवा उपकर चुकाना होगा। इस निर्णय ने राज्य में ईंधन की कीमतों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। नई दरें देर रात से लागू हो गई हैं और इस पर देशभर में चर्चा हो रही है। इस संदर्भ में सवाल उठ रहा है कि क्या उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, बिहार और मध्य प्रदेश में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ी हैं?
हिमाचल प्रदेश में कीमतों में वृद्धि का कारण समझना आवश्यक है। प्रत्येक राज्य में ईंधन की कीमतें विभिन्न टैक्स, वैट और स्थानीय शुल्क पर निर्भर करती हैं। रोजाना पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव की जानकारी तेल कंपनियों द्वारा प्रदान की जाती है। जब भी राज्य सरकार नया उपकर या टैक्स लागू करती है या उसमें वृद्धि करती है, तो इसका सीधा असर पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों पर पड़ता है।
प्रमुख राज्यों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें
दिल्ली: पेट्रोल ₹102.12, डीजल ₹95.20
मध्य प्रदेश (भोपाल): पेट्रोल ₹115.30, डीजल ₹99.64
बिहार (पटना): पेट्रोल ₹114.03, डीजल ₹99.36
राजस्थान (जयपुर): पेट्रोल ₹112.31, डीजल ₹97.78
उत्तर प्रदेश (लखनऊ): पेट्रोल ₹101.89, डीजल ₹95.85
महाराष्ट्र (मुंबई): पेट्रोल ₹111.78, डीजल लगभग ₹97-₹98
हरियाणा: पेट्रोल ₹103.08, डीजल ₹95.82
हिमाचल में कीमतों में वृद्धि का कारण
12 अगस्त की रात 12 बजे से हिमाचल प्रदेश सरकार ने पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल की कीमतों में वृद्धि की। अब उपभोक्ताओं को प्रति लीटर 60 पैसे अधिक चुकाने होंगे। इसके पीछे Orphan and Widow Cess में की गई वृद्धि है।
क्या अन्य राज्यों में भी कीमतें बढ़ी हैं?
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि केवल हिमाचल प्रदेश में की गई है। नए उपकर के कारण हुई वृद्धि को अन्य राज्यों में लागू नहीं किया जा सकता। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, बिहार और मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अपने-अपने राज्य के कर ढांचे और तेल कंपनियों की दैनिक कीमतों के आधार पर निर्धारित होती हैं। इसलिए किसी राज्य में नया टैक्स या सेस लागू होने की स्थिति को अलग से देखना आवश्यक है।
