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हिमाचल प्रदेश में बारिश से जनजीवन प्रभावित, 219 लोगों की मौत

हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण 219 लोगों की जान गई है और राज्य को 1100 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में और बारिश की चेतावनी दी है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है। जानिए इस आपदा के कारण क्या-क्या नुकसान हुआ है और प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं।
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हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का असर

हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस प्राकृतिक आपदा ने राज्य के बुनियादी ढांचे को गंभीर नुकसान पहुँचाया है, जिससे सड़कों और रेलवे पटरियों पर आवागमन बाधित हुआ है। मौसम की इस मार से राज्य को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।


मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों तक प्रदेश में मॉनसून सक्रिय रहेगा। आज और कल कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, लेकिन इसके बाद मॉनसून कमजोर पड़ने की उम्मीद है। 23 से 27 अगस्त तक मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है।


यातायात पर असर

बारिश और भूस्खलन के कारण यातायात और बुनियादी ढांचे पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-3) बंद है, और मंडी में 62, कुल्लू में 35 और चंबा में 19 सहित कुल 145 प्रमुख सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह बंद हैं।


भारी बारिश की चेतावनी

मौसम केंद्र शिमला ने 22 अगस्त तक विभिन्न स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। शिमला, मंडी, कांगड़ा, बिलासपुर और सिरमौर में कुछ स्थानों पर मध्यम वर्षा की संभावना है।


जानमाल का नुकसान

इस मॉनसून सीजन में प्राकृतिक आपदाओं के कारण 84 लोगों की जान गई है, जिनमें से 15 मौतें भूस्खलन से हुई हैं। सड़क दुर्घटनाओं में भी 121 लोगों की मौत हुई है। 32 मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं और 207 को आंशिक नुकसान पहुँचा है।


नालागढ़ में बारिश का रिकॉर्ड

पिछले 24 घंटों में सोलन के नालागढ़ में 50 मिमी और बिलासपुर में 49.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है। प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से नदी-नालों और संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।


आर्थिक नुकसान

इस मॉनसून सीजन में भारी बारिश और भूस्खलन ने राज्य को 1,085.32 करोड़ रुपये का नुकसान पहुँचाया है।


बिजली और पानी की आपूर्ति प्रभावित

राज्य में 115 ट्रांसफार्मर और 117 पेयजल योजनाएं ठप पड़ी हैं, जिसमें हमीरपुर जिले में सबसे ज्यादा 107 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं।