हिमाचल प्रदेश में मौसम का अचानक बदलाव: बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में मौसम की स्थिति
हिमाचल प्रदेश। मानसून के समाप्त होने के बाद भी राज्य में मौसम की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण कई क्षेत्रों में बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का दौर जारी है। मौसम विभाग ने 8 अक्टूबर को कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान हवाओं की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा और तेज झोंकों में 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
हाल के दिनों में हिमाचल के विभिन्न हिस्सों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई है, जबकि ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी भी देखी गई है। इसके अलावा, ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी की संभावना भी जताई गई है, जिससे तापमान में गिरावट आई है और ठंड बढ़ने लगी है।
इस मौसम के बदलाव का प्रभाव किसानों पर भी पड़ा है। किन्नौर के चौरा और तरंडा क्षेत्रों में ओलावृष्टि ने फसलों और पशुओं के चारे को नुकसान पहुंचाया है। कई स्थानों पर खेतों में तैयार फसलें भी प्रभावित हुई हैं। शिमला में बारिश के कारण धल्ली-संजौली बाईपास पर भूस्खलन की घटना भी हुई, जिससे यातायात बाधित हुआ।
मौसम विभाग के अनुसार, 9 अक्टूबर को भी कुछ जिलों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। विशेष रूप से पहाड़ी और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इसका मतलब यह है कि भले ही मानसून हिमाचल से चला गया हो, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ ने मौसम को फिर से बदल दिया है। बारिश, आंधी, ओलावृष्टि और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी ने ठंड के साथ किसानों की चिंताओं को भी बढ़ा दिया है।
